पटना. अनुसंधान और विधि व्यवस्था के लिए पुलिस की अलग-अलग टीम के प्रयोग का दायरा बढ़ाया जाएगा। जून से विधि-व्यवस्था वाली टीम सिर्फ विधि-व्यवस्था व अनुसंधान वाली टीम सिर्फ अनुसंधान ही करेगी। एडीजी (मुख्यालय), आईजी (मुख्यालय) और एक डीआईजी की तीन सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी जो 15 अप्रैल तक प्रक्रियाएं तय कर लेगी।
जिला स्तर पर पुलिस पदाधिकारियों के तबादले को नीति बनेगी। एसपी को मौजूदा प्रणाली पर नजर डालने का आदेश दिया गया है। इसके लिए मार्गदर्शिका तैयार की जाए। इसके लिए जरूरी हुआ तो नियम या पुलिस मैनुअल में संशोधन भी किया जाएगा। एसपी हर माह में पुलिस सभा और पुलिस लाइन में परेड के साप्ताहिक प्रोटोकॉल का पालन कराएंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को 7 सर्कुलर रोड में लगातार दूसरे दिन पुलिस और प्रशासन के शीर्ष अफसरों के साथ राज्य में विधि-व्यवस्था की हालत की समीक्षा की।
रात में खुद गश्ती पर निकलें एसपी
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में विकास का वातावरण बनाने में पुलिस का बड़ा योगदान है। पुलिस कानून पर लोगों के विश्वास को बरकरार रखे। इसके लिए एसपी नियमित रूप से क्राइम मीटिंग करें और रात में खुद गश्ती पर निकलें। उन्होंने कहा कि अपराध पर अंकुश लगाने के लिए अपराध अनुसंधान में तेजी लाएं। जांच में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होगी।