छोड़ दी थी UNICEF की Job, अब लोगों के जूते चमका बन रही Idol / छोड़ दी थी UNICEF की Job, अब लोगों के जूते चमका बन रही Idol

शाजिया ने बताया कि साल 2006 में जब वे फिजियोथेरेपी में ग्रेजुएशन कर रही थी तो इस दौरान न्यूज पेपर में इस बिजनेस कॉन्सेप्ट के बारे में पढ़ा।

Mar 14, 2016, 11:34 PM IST
पटना. बिहार के भागलपुर की शाजिया इन दिनों हजारों महिलाओं के लिए आइडल बन रही है। UNICEF में मॉनिटर पोलिया प्रोजेक्ट का काम छोड़ने के बाद शाजिया ने स्टार्टअप को अपनाया और अब पटना में ऑनलाइन शू लाउंड्री से लाखों की कमाई कर रहीं हैं। कस्टमर्स की लिस्ट में हैं सीएम नीतीश कुमार...
शाजिया के रिवाइवल शू लाउंड्री के कस्टमर्स की लिस्ट में सीएम नीतीश कुमार भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले मार्क नाम के एक व्यक्ति ने अपने जूतों को हमारी लांड्री में भेजने के लिए संपर्क किया था। उन्होंने बताया कि बिहार के कई अधिकारी भी हमारे यहां अपने शू भिजवाते हैं। इसके अलावा उनके यहां लेदर से जुड़े प्रोडक्ट्स खासकर लेडिज बैग को भी चमकाया जाता है।
ऐसे मिला आइडिया
शाजिया ने बताया कि साल 2006 में जब वे फिजियोथेरेपी में ग्रेजुएशन कर रही थी तो इस दौरान न्यूज पेपर में इस बिजनेस कॉन्सेप्ट के बारे में पढ़ा। इसके बाद उन्होंने चेन्नई और फिर भूटान जाकर इस बिजनेस के बारे में समझा और ट्रेनिंग ली।
छह लोगों की है टीम
शाजिया ने बताया कि साल 2012 में उन्होंने शू लाउंड्री की शुरुआत की थी। शुरू में उन्हें संघर्ष करना पड़ा लेकिन करीब दो साल के बाद उनकी पहचान बनने लगी। आज उनकी टीम में छह लोग हैं। उन्होंने बताया कि पाटलिपुत्र और पटना में दो शाखा है।
सालाना होती है लाखों की कमाई
शाजिया ने बताया कि 40 से लेकर 400 रुपए तक में जूतों की सफाई और मरम्मत होती है। उन्होंने बताया कि साल में छह से आठ लाख रुपए की कमाई होती है। इसमें से कर्मचारियों का वेतन काटकर उन्हें लगभग आधे का मुनाफा होता है।
आगे की स्लाइड्स में देखें शाजिया के शॉप और उनकी कुछ फोटोज...
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