पटना. 1901 से लेकर अबतक की सबसे गर्म सर्दी इसी वर्ष रही। यानी, इतनी कम ठंड पहले कभी नहीं पड़ी। ग्लोबल वार्मिंग के कारण तापमान में बढ़ोतरी से इसका कोई लेना-देना नहीं। यह भी सही है कि धरती पर गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन सबसे कम सर्दी इससे पहले सिर्फ 2009 और 2010 में रही है।
चिंता की बात यह है कि पिछले दोनों साल के आंकड़े इस बार की सर्दी से आधे ही रहे थे। देश में ऐसे हालात तो हैं, बिहार भी 1901 के बाद से अबतक का गर्म सर्दी इसी वर्ष झेल रहा है। बिहार मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक एके सेन की मानें तो यह अलनीनो वर्ष के कारण हुआ है। प्रशांत महासागर और बंगाल की खाड़ी इस वर्ष दो डिग्री तक अधिक गर्म रहा है। समुद्र का तापमान इस स्तर पर लगातार बने रहने के कारण ही इस तरह के हालात उत्पन्न रहे हैं।
इस तरह बढ़ रही गर्मी
भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र की मानें तो 2001-2015 के दौरान 12 वर्ष ऐसे रहे हैं, जब गर्मी सबसे अधिक गर्म रिकॉर्ड की गई है। 1901 से 2015 के ट्रेंड पर ध्यान दें तो प्रति सौ वर्ष में 0.63 डिग्री सेल्सियस के हिसाब से अधिकतम तापमान और 0.22 डिग्री सेल्सियस के हिसाब से न्यूनतम तापमान बढ़ता जा रहा है।
फरवरी में ही खत्म हो जाएगी ठंड
मौसम वैज्ञानिक एके सेन बताते हैं कि फरवरी की शुरुआत से ही अधिकतम तापमान दो से तीन बार 29 डिग्री और न्यूनतम 16 डिग्री तक पहुंच चुका है। फरवरी के अंत तक इसे तीन से चार डिग्री तक ऊपर चढ़ने के आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ भी कमजोर हो चुका है और बंगाल की खाड़ी में भी हलचल नहीं दिख रही है। साफ तौर पर कहा जा सकता है कि होली से पहले ही इस वर्ष लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
इस साल अधिक तापमान| सितंबर | 1.01 डिग्री सेल्सियस |
| अक्टूबर | 1.12 डिग्री सेल्सियस |
| नवंबर | 1.25 डिग्री सेल्सियस |
| दिसंबर | 1.19 डिग्री सेल्सियस |
ऐसे समझें ठंड कैसे हुई कम
| वर्ष | अधिक तापमान |
| 2010 | 0.75 |
| 2003 | 0.61 |
| 2002 | 0.59 |
| 2014 | 0.53 |
| 2016 | 1.22 |
(नोट: बिहार में इस वर्ष सर्दी में औसत 1.50 डिग्री सेल्सियस तापमान अधिक रिकॉर्ड किया गया है।