पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

ये है महिलाओं की बेरहमी से पिटाई की पूरी कहानी, ऐसे पड़ी रही सड़क पर

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भागलपुर (बिहार). कलेक्ट्रट परिसर में बासगीत पर्चे की मांग कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज मामले की गूंज पटना से लेकर दिल्ली तक सुनाई देने लगी है। सीएम नीतीश तक मामला पहुंच गया है। जिले के प्रभारी मंत्री ललन सिंह इस मामले की स्वयं मॉनिटरिंग कर रहे हैं और पूरी घटना की रिपोर्ट भी मांगी है। कमिश्नर भी जांच की बात कह रहे हैं। उधर, राजनीतिक दलों में भी इसे लेकर आक्रोश है। दोषी अफसरों पर कार्रवाई की मांग हो रही है। हम आपको सिलसिलेवार वह सब कुछ बता रहे हैं, जो आठ दिसंबर को पूरे समय मौके पर मौजूद रही दैनिक भास्कर की टीम ने देखा। प्रदर्शनकारियों के पहुंचते ही बरसाने लगे थे लाठी...
- सामान्य दिनों की तरह ही आठ दिसंबर को जिला समाहरणालय में कामकाज चल रहा था। उत्तरी गेट के बाहर जन संसद के पदाधिकारी लगातार चौथे दिन अनशन पर बैठे थे।
- अनशन को वामदलों के साथ ही भूमिहीनों के लिए जमीन की मांग करने वाले संगठनों का भी समर्थन प्राप्त था।
- आठ दिसंबर को अनशनकारियों को समर्थन देने के लिए ही झुग्गी-झोंपड़ी समिति व कुछ अन्य संगठन जुलूस लेकर पहुंचे थे। जिसमें सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल थे।
- अनशन स्थल पर भाषण चल रहा था। लगभग डेढ़ बज रहा था। माइक पर भाषण दे रहे नेता डीएम से मिलने और ज्ञापन देने की बात कह रहे थे।
- भाषण के बीच ही महिलाएं डीएम कार्यालय परिसर में प्रवेश करना शुरू कर चुकी थीं, मगर उस समय उन्हें किसी ने नहीं रोका। इसी दौरान बाहर खड़ी भीड़ से आवाज उठने लगी, चलो डीएम से मिलने।
- इसके बाद महिलाओं का हुजूम डीएम कार्यालय परिसर में प्रवेश करने लगा। इसमें कुछ पुरुष भी शामिल थे। गेट पर मौजूद गार्ड ने उन्हें रोकने की कोशिश की। मगर महिलाएं कार्यालय परिसर में घुस चुकी थीं।
- महिलाएं पहले सामान्य शाखा में घुसने का प्रयास कीं मगर जब पता चला कि यह डीएम का चैंबर नहीं है तो वे नजारत शाखा और गोपनीय में जाने का प्रयास कीं। इस बीच सभी कर्मचारी बाहर खड़े हो गए।
- इसके बाद काफी संख्या में महिलाएं डीएम चैंबर के गेट पर पहुंच गई, लेकिन तब तक डीएम के सुरक्षा गार्ड चैंबर का गेट बंद कर चुके थे और गेट के आगे तैनात हो गए।
- थोड़ी देर पहले ही डीएम के साथ बैठक कर बाहर निकले स्वास्थ्य विभाग और आईसीडीएस के डीपीओ भीड़ में फंस गए। समाहरणालय से एसएसपी, एसडीओ आदि को सूचना दी गई।
- वे लोग सैंडिस कंपाउंड में चल रहे एक कार्यक्रम में मौजूद थे। सूचना मिलते ही सभी कलेक्ट्रेट पहुंचे।
जाे भी सामने आया, लाठी, लात-घूसे खाए

- सूचना मिलते ही सबसे पहले तिलकामांझी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने भीड़ को समझाने का प्रयास करने के बजाय उन पर लाठियां बरसाना शुरू कर दीं।
- इसी बीच सदर एसडीओ और सिटी डीएसपी भी डीएम कार्यालय पहुंचे। दोनों अफसर भीड़ को समझाने का प्रयास करने के बजाय खुद लाठी लेकर टूट पड़े।
- जो भी प्रदर्शनकारी पुलिस या अफसरों के सामने आया उस पर जमकर लाठी और लात-घूंसे बरसे। वहां भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। उत्तरी गेट पर कई महिलाएं फंस गईं।
- इसी बीच कार्यालय परिसर के बाहर खड़ी भीड़ ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। जिसके बाद एसडीओ और डीएसपी समेत पुलिस बल ने एक बार फिर लाठीचार्ज कर दिया।
- अंदर से लेकर बाहर खड़ी भीड़ को खदेड़ना शुरू कर दिया। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। कई महिलाएं जमीन पर गिर गईं। कई अर्धनग्न हो गई। कई को गंभीर चोटें आई।
- एक का सिर भी फट गया। पुलिस बल ने जमीन पर गिरी महिलाओं को उठाकर जबरन एंबुलेंस में डाला और मेडिकल कॉलेज अस्पताल भिजवाया।
- करीब डेढ़ घंटे तक समाहरणालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। बाद में पुलिस ने अनशन पर बैठे लोगों को वहां से भगा दिया और उनका टेंट-पंडाल उखाड़ कर अपने कब्जे में ले लिया।
आगे की स्लाइड्स में देखें घटना की फोटोज...
खबरें और भी हैं...