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पीएमसीएच: प्राचार्य ने कमियां दूर करने को मार्च तक मांगी मोहलत, दिल्ली गए प्रतिनिधि
एमसीआईने पीएमसीएच में कम से कम 21 कमियां गिनाई हैं, जिन्हें हर हाल में दूर करना है। इन कमियों की जानकारी एमसीआई ने केंद्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग को भी दी है। विभाग ने पटना मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसएन सिन्हा को दिल्ली तलब किया है। डॉ. सिन्हा ने फिजियोलॉजी विभाग के हेड डॉ. एसएन शर्मा को दिल्ली भेजा है। डॉ. शर्मा मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग को कमियों की जानकारी देंगे और यह भी बताएंगे कि किस कमी को दूर किया गया है और किसे नहीं। साथ ही प्राचार्य ने कमियों को दूर करने के लिए मार्च तक का समय मांगा है।
ओटी टेबल पुराने और गंदे हैं। नियम के मुताबिक छह पोर्टेबल एक्स-रे मशीन होनी चाहिए, पर दो ही हैं। रैगिंग रोकने के लिए टॉल फ्री नंबर की सुविधा नहीं है। वेबसाइट पर भर्ती छात्रों की सूची, परीक्षा फल उपलब्ध नहीं है। छात्र-छात्राओं के अनुपात में कॉमन रूम छोटा है। इमरजेंसी दवाएं सही से नहीं रखी हुई हैं। मेडिकल रिकॉर्ड रूम काफी छोटा है और रिकॉर्ड रखने के लिए अलमारी भी नहीं है। इसमें रजिस्टर सही से मेनटेन नहीं किए गए हैं। डिजास्टर ट्रॉली नहीं है। सेंट्रल लाइब्रेरी में जगह की कमी है। इसमें 2400 स्क्वायर मीटर जगह चाहिए। लाइब्रेरी में करीब एक सौ जर्नल चाहिए, पर 27 जर्नल ही हैं। विभिन्न विभागों में टीचिंग बेड की कमी है। जनरल मेडिसिन, ईएनटी, ऑप्थेलमोलॉजी में टीचिंग बेड की कमी है। एनाटोमी में तीन स्टोरेज टैंक की जरूरत है, पर मात्र एक टैंक है। फिजियोलॉजी, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, फार्माकोलॉजी और बायोकेमेस्ट्री विभाग में दो डेमोन्सट्रेशन की आवश्यकता है, पर है मात्र एक। वहीं फोरेंसिक विभाग में डेमोन्सट्रेशन रूम ही नहीं है। कम्युनिटी मेडिसिन विभाग में डेमोन्सट्रेशन रूम गाइडलाइन के मुताबिक छोटा है।
वैसे एमसीआई ने 20 फरवरी तक का समय दिया था, पर स्वास्थ्य विभाग ने 10 फरवरी को तलब कर दिया है। इसको लेकर भी परेशानी बढ़ गई है। प्राचार्य कहना है कि सहायक प्रोफेसर और सीनियर रेजिडेंट की नियुक्ति हुई। इससे फैकल्टी की कमी काफी हद तक पूरी कर ली गई है। मेडिकल आईसीयू की मरम्मत हो गई है। इसमें 12 बेड की सुविधा है। रैगिंग रोकने के लिए टॉल फ्री नंबर जारी करना था, जिसे एक-दो रोज में जारी कर दिया जाएगा। मेडिकल रिकॉर्ड रूम का काम भी एमसीआई की गाइडलाइन के तहत हो रहा है। लाइब्रेरी में भी अधिक छात्रों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। डॉ. सिन्हा की मानें तो कुछ ऐसी कमियां हैं जो सरकार के स्तर दूर होंगी। उसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दे दी गई। एमसीआई ने कहा है कि कमियां दूर नहीं हुईं तो बढ़ी सीटों पर नामांकन की अनुमति नहीं भी मिल सकती है। हालांकि, प्राचार्य को उम्मीद है कि समय मिला तो सभी कमियों को पूरा कर लिया जाएगा। कोई ऐसी बड़ी कमी नहीं है जिसके चलते नामांकन की अनुमति मिलने में परेशानी हो।
कई कमियां हुईं दूर, कई अब भी बरकरार