शेखपुरा में बनेगा कर्नाटक का केटल टेंपल
पंचमी को होगी कलश स्थापना
अध्यक्ष : उपेंद्रसिंह, सचिव: रंजीतकुमार, उपाध्यक्ष: मुन्नासिंह, प्रमुखसदस्य : अमरेंद्रसिंह, शैलेश कुमार, अभिषेक कुमार, दिलीप सिंह आदि
मो. अंसारी
अनुपम
उपेंद्र सिंह
शेखपुरा दुर्गा आश्रम की खासियत यह भी है कि यहां नवरात्र के पंचमी तिथि को कलश स्थापना होगी। आयोजकों के अनुसार यह परंपरा 1939 से चली रही है। 1939 से यहां पूजा का आयोजन हो रहा है। 80 के दशक में एकम के दिन कलश स्थापना किया गया था, तो उस बार पूजा के दौरान बड़ी घटना हो गई थी। इसलिए लोग पुरानी परंपरा के अनुसार ही कलश स्थापना करते हैं।
हॉलीवुड फिल्मों के विलेन की तरह राक्षस
श्रीश्री दुर्गा पूजा समिति शेखपुरा दुर्गा आश्रम पिछले कुछ सालों से चलंत मूर्तियों के कारण चर्चित रहा था। इस बार चलंत मूर्तियां नहीं होंगी। हालांकि, राक्षस आधुनिक होंगे। हालीवुड फिल्मों में दिखने वाले विलेन की तरह और एलियन टाइप राक्षस खासतौर से बच्चों को लुभाएंगे। आयोजन समिति के सचिव रंजीत कुमार ने बताया कि इस बार बेली रोड पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज के चलते बिजली से चलने वाली मूर्तियों का प्रदर्शन नहीं हो रहा है, क्योंकि भीड़ ज्यादा हो जाती है।
आर्टकॉलेज के छात्र बना रहे मूर्तियां
मांदुर्गा, अन्य देवी-देवताओं एवं राक्षसों की मूर्तियां बनाने में पटना आर्ट कॉलेज के छात्र अनुपम जुटे हुए हैं। वहीं, मधुपुर, झारखंड के मो. मकसूद अंसारी 35 फीट लंबे 51 फीट ऊंचे पंडाल का निर्माण कर रहे हैं। इसमें करीब डेढ़ लाख रुपए लागत आने की उम्मीद है। इसमें गोल्डेन मैरून रंग के साथ थर्मोकोल, बीट, प्लाईवुड और बांस-बल्ले का इस्तेमाल होगा। पंडाल को रोशन करने के लिए थ्रीडी लाइट का प्रयोग किया जाएगा। इसके अलावा आसपास के भवनों को मल्टी कलर के रंगीन बल्बों से सजाया जाएगा। सुरक्षा के लिए पंडाल के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरा लगाया जाएगा।
बेली रोड के शेखपुरा दुर्गा आश्रम में इस बार कर्नाटक का केटल टेंपल बनेगा। केटल टेंपल अब आकार लेने लगा है। पंडाल के अंदर माता की विशाल प्रतिमा होगी। वह महिषासुर का वध करती दिखेंगी। यहां लाइट साउंड इफेक्ट के जरिए माता और महिषासुर युद्ध समेत अन्य प्रसंगों का जीवंत एहसास कराने की कोशिश की जाएगी। मां दुर्गा के अलावा मां सरस्वती और धन की देवी माता लक्ष्मी की मूर्तियां खास होंगी।