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बल्लभपुरमेंएक पुर

7 वर्ष पहले
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डीबी स्टार >पटना

नशाहमारेपूरे जीवन को बर्बाद कर के रख देता है। यहीं कारण है कि कहा भी गया है कि नशे का जो हुआ शिकार उजड़ा उसका घर परिवार। नशे की इन्हीं विभिषिकाओं को दिखाने के लिए शनिवार को प्रेमचंद रंगशाला में नुक्कड़ नाटक नशा अब और नहीं की प्रस्तुति दी गई। भिखारी ठाकुर की 127 वीं जयंती पर युवा नाट्य निर्देशकों पर केन्द्रित नाट्य समारोह के नुक्कड़ लीला 2014 के दौरान इस का आयोजन किया गया था।

प्रयास पटना की ओर से प्रस्तुत और मनीष महिवाल निर्देशित इस नाटक में नशे के बढ़ते साम्राज्य और मानव जीवन
बल्लभपुरमेंएक पुराना भुतहा राजमहल है जिसे बेचकर उसका मालिक भूपति अपना डेंटल क्लिनिक खोलना चाहता है। लेकिन परिस्थितियां कुछ ऐसी बनती है कि आगे का पूरा घटनाक्रम देखने वालों को हंसा-हंसा कर लोटपोट कर देता है। यह सब हो रहा था शनिवार को कालिदास रंगालय में मंचित हो रहे नाटक बल्लभपुर की रूपकथा के दौरान।

नाट्य संस्था विश्वा की ओर से मंचित राजेश राजा निर्देशित इस नाटक ने दर्शकों को हास्य के रंग से सराबोर कर दिया। नाटक की कहानी कुछ यूं आगे बढ़ती है। महल के खरीददार के सामने अपने आपको एक धनी व्यक्ति दिखाने के लिए अपने नौकर मनोहर और महाजन की मदद से एक नाटक रचता है। इधर खरीददार मिस्टर हालदार को पुरानी चीजों को खरीदने और उनका संग्रह करने की आदत है। इस काम में वह अपने मित्र चौधरी को पछाड़ना चाहता है। नाटक के आकर्षण का केन्द्र एक भूत है जो महल में पिछले चार सौ वर्षों से रह रहा है। भूत रोजाना रात में कालिदास रचनावली से कविता का पाठ करता है। पूरे नाटक में दर्शकों को बार-बार हंसने का मौका मिला।

यह थे कलाकार

}आदिल,सजना कुमारी, प्रियंका, प्रवीण सप्पू, विपुल कुमार, नितिश कुमार, श्रवण कुमार, हरेन्द्र कुमार, राज नंदन, राहुल कुमार।

}निर्देशक- राजेश राजा

}आलेख -बादलसरकार