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- जब पिताजी ने कहा सबने देख लिया है तो तुम देखकर क्या करोगे
जब पिताजी ने कहा सबने देख लिया है तो तुम देखकर क्या करोगे
नय कुमार िसन्हा कहते हैं- मेरे और शशि के विचार मिलते-जुलते हैं। यही कारण है कि वह मेरे काम में कभी बाधक नहीं बनी। चिकित्सक के रूप में मेरी सेवा हो या समाजसेवा, दोनों में उसने समान रूप से सहयोग किया है। मैंने स्वेच्छा से पटना शहर छोड़कर देहात में काम करने का निर्णय किया। मेरे आवेदन पर सरकार ने मेरी पदस्थापना पश्चिम चंपारण में की। राजधानी को छोड़ देहाती क्षेत्र में रहना आसान नहीं था। वहां शशि को भी मेरे कारण परेशानी सहनी पड़ी। बिना बिजली और अन्य नागरिक सुविधाओं के रहना पड़ा, लेकिन उसने कभी शिकायत नहीं की। इलाज के दौरान मुझे रात-रात भर जगना पड़ता था। लेकिन, जबतक मैं अस्पताल से नहीं जाता था, वह मेरा इंतजार करती थी।
साथ-साथचलना हमेशा लगा अच्छा
शशिसिन्हा बात आगे बढ़ाती हुई कहती हैं कि पति का साथ निभाना उन्हें हमेशा अच्छा लगा। बेतिया में पदस्थापना के दौरान जब बंध्याकरण कैंप का आयोजन होता तो कैंप में भाग लेने बाहर से आए डाॅक्टरों के खाने-पीने की व्यवस्था देखने की जिम्मेदारी वे खुद संभालती थी। उनकी मेहमानवाजी के कारण वहां जाने वाले किसी डाॅक्टर को कभी असुविधा नहीं हुई। कई डाॅक्टरों का तो कहना था कि ऐसा लगता है जैसे वह खुद अपने घर में हों। ऑपरेशन के दौरान बंध्याकरण करवाने वाली महिलाओं के बच्चे को संभालने का काम भी वे खुद करती थीं और उन्हें दूध पिलाती थीं। पति-प|ी के इस सामूहिक सेवा का ही असर था कि आसपास के गांव वाले इनकी बहुत इज्जत करते थे और जब भी जरूरत पड़ी, उनका पूरा सहयोग इन्हें मिला।
बहूने बेटी का अरमान पूरा किया
डा.बिनय ने बताया कि उनकी दिली इच्छा डाॅक्टर बनने की थी, जो पूरी हुई। इकलौते बेटे नीरज बहादुर सिन्हा को भी वे डाॅक्टर बनाना चाहते थे। यह इच्छा भी पूरी हुई। इन दिनों वह कार्डियक फिजिशियन हैं और हार्ट हॉस्पिटल, कंकड़बाग के आईसीयू इंचार्ज हैं। ईश्वर की कृपा से बहू मधुलिका भी ऐसी मिली कि शशि का अरमान पूरा हो गया। उसे बेटी की बहुत इच्छा थी। पोता निलेश और पोती शिवानी को क्या बनाना चाहते हैं, यह सुन शशि हंस पड़ीं और कहा कि वो क्या बनेंगे यह तो वे खुद या उनके माता-पिता ही तय करेंगे। मैं तो सिर्फ इतना जानती हूं कि ये दोनों हमारे दुलारे हैं और इनके बिना हम नहीं रह सकते।
अत्याधुनिकरक्तबैंक बनाने का था सपना, पटना में हुआ पूरा
डाॅ.बिनय ने कहा कि उन्होंने रक्त के लि