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वक्त के साथ बदलती गई शान

7 वर्ष पहले
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जमाने में मुझे छज्जू बाग हाऊस कहा जाता था। आकाशवाणी के पटना केंद्र और भारतीय नृत्य कला मंदिर के उत्तर में अवस्थित हूं मैं। आज मेरी पहचान पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के आवास के रूप में है। मेरा नाम प्रसिद्ध माली छज्जू शाह पर रखा गया है। छज्जू शाह मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल) के नवाबों अलीवर्दी खां और सिराजुदौला को अपने यहां के प्रसिद्ध आम भेजा करते थे। उनकी कब्र भवन के पश्चिम में है।

मेरे साथ कई ऐतिहासिक घटनाएं भी जुड़ी हैं। पहले यहां गुलजारबाग स्थित डच कारखाना के अधीक्षक रहते थे। एक समय ऐसा भी आया जब इसमें अफीम कारखाने के एजेंट रहने लगे। इसके बाद 1854-1857 तक पटना के तत्कालीन कमिश्नर विलियम टेलर का निवास स्थान रहा। सन् 1857 के गदर के समय पटना निवासी यूरोपियन ने मेरे परिसर में पनाह ली थी। कमिश्नर विलियम टेलर ने आठ जून 1857 को बहावी आंदोलन के प्रमुख नेता मौलवी पी अली अन्य नेताओं को बातचीत के लिए यहीं बुलाया था, जिन्हें बातचीत के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। उस वक्त परिसर के मालिक मिस्टर जॉन अलेक्जेंडर बाइलार्ड थे। टेकारी के राजा मित्र जीत सिंह के पुत्र ने मुझे इन्हें सौंपा था। विलियम टेलर के बाद कमिश्नर रहे एफ सैमुअल्स के कार्यकाल में मुझे बंगाल के लेफ्टीनेंट गवर्नर और अन्य बड़े अधिकारियों के लिए सर्किट हाउस में बदला गया। सर एंडयू फ्रेजर के काल में मुझे बंगाल के लेफ्टीनेंट गवर्नर का आवास बना दिया गया था। बिहार-उड़ीसा के राज्य बन जाने पर जब तक शहर के पश्चिमी भाग में गवर्नमेंट हाउस बन रहा था, तबतक के लिए सर चार्ल्स बेली ने मुझे ही गवर्नमेंट हाउस बनाया था। सन् 1616 में मुझे मुख्य न्यायाधीश का आवास बनाया गया। Âकिरण कुमारी