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पीएमसीएच : मरीज को दवा देने के लिए मांगा पैसा

7 वर्ष पहले
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आलमगंज के रोशन की मौत के मामले में पीरबहोर पुलिस ने फिर पूछताछ की। आरोपी वार्ड अटेंडेंट सुभाष प्रसाद को जेल भेजा जा चुका है। पीएमसीएच के कर्मचारियों से पूछताछ कर पुलिस ने कुछ और सुराग हासिल किए हैं। इन साक्ष्यों को पुलिस कोर्ट में पेश करेगी। परिजनों ने कहा है कि उनसे पैसे मांगे गए थे और पैसे नहीं देने पर उनके बच्चे की मौत हुई। पीरबहोर पुलिस सहित एसएसपी की विशेष टीम ने इस घटना से पहले कई बार दलालों को पकड़ा है। आरोपी सुभाष को सस्पेंड कर दिया गया है। पीएमसीएच उपाधीक्षक डॉ सुधांशु सिंह कार्रवाई के बारे में कोर्ट को अवगत करा चुके हैं।

पीएमसीएच के शिशु विभाग में पैसे नहीं देने पर ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं बदलने की जांच अस्पताल प्रशासन की तीन सदस्यीय कमेटी ने पूरी कर ली है। जांच रिपोर्ट को स्वास्थ्य विभाग को सोमवार को सौंप दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग जो निर्णय लेगा, उसी के मुताबिक कार्रवाई होगी। अस्पताल प्रशासन की जांच टीम ने भी आरोपी कर्मचारी को दोषी पाया है। स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय टीम ने भी इस मामले की जांच की है। पर जांच रिपोर्ट का खुलासा नहीं किया है। वैसे शिशु विभाग के हेड डॉ. निगम प्रकाश नारायण ने भी अस्पताल प्रशासन ने कारण बताओ नोटिस का जवाब दे दिया है। बुधवार को आलमगंज के सेप्टीसिमिया से पीड़ित साढ़े सात साल के रोशन कुमार की मौत हो गई थी। इपरिजनों ने आरोप लगाया था कि ऑक्सीजन सिलेंडर बदलने के लिए वार्ड अटेंडेंट सुभाष प्रसाद ने पैसे की मांग की थी।

पटना. पीएमसीएच के शिशु विभाग में ऑक्सीजन सिलेंडर बदलने के लिए पैसे मांगने की घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने कुछ महत्वपूर्ण विभागों में रात में भी हेल्थ मैनेजर तैनात करने की योजना बनाई है। प्राचार्य डॉ. एसएन सिन्हा ने कहा कि सोमवार को अधीक्षक डॉ. लखींद्र प्रसाद और विभिन्न विभागों के हेड से विचार-विमर्श करेंगे। फिलहाल रात में जिन विभागों में हेल्थ मैनेजर तैनात किए जाएंगे उनमें हड्डी विभाग, शिशु विभाग, स्त्री रोग प्रसूति विभाग और इमरजेंसी शामिल है। मुख्य रूप से इन्हीं विभागों में मरीजों की भीड़ रहती है। इसलिए इन विभागों में रात में भी हेल्थ मैनेजर तैनात किए जाएंगे। ताकि वे हर चीज पर नजर रख सकें। हेल्थ मैनेजरों की जवाबदेही तय की जाएगी।

भास्कर न्यूज. पटना

शिशु विभाग में पैसे के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं बदलने का मामला