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देर रात वैन से आते हैं और ढेरों दवाइयां जलाकर चले जाते हैं

7 वर्ष पहले
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पटनासे 20 किलोमीटर दक्षिण मेंे बसा नदवां के मधुवन गांव में दवा माफिया रात के अंधेरे में लाखों की दवाओं को एक पिकअप वैन में लोड कर लाते हैं और पेट्रोल छिड़ककर दवाओं को जला देते हैं। दवाओं को जलाने का यह खेल बीते एक माह से चल रहा है। इसकी जानकारी जब ग्रामीणों को हुई तो वे लोग धनरुआ पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंच कर मामले की छानबीन करते हुए धनरुआ पीएचसी प्रभारी को इन दवाओं की जांच करने को कहा।

इधर, पीएचसी के चिकित्सक इन दवाओं के सैंपल लेकर जांच मे जुट गए हैं। इस संबंध मे पीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी उदय नारायण प्रताप सिंह ने बताया कि मौके से मिली दवाएं सरकारी नहीं हैं यह किसी प्राइवेट एजेंसी की दवा है। दवाओं का सैंपल जांच के लिए लैब में भेजा गया है। हो सकता है यह नकली दवा हो। फिलहाल जांच के बाद ही इसका खुलासा हो पाएगा। बहरहाल मधुवन के इस सुनसान इलाके मे रात के अंधेरे मे चोरी छिपे दवा माफियाओं द्वारा नष्ट किए जा रहे इन दवाओं के पीछे का राज क्या है, पुलिस इसका पता लगा रही है।

क्या कहते हैं ग्रामीण

नदवांके पूर्व सरपंच शंकर कुमार शर्मा ने कहा कि पिछले कुछ समय से रात में विस्फोट जैसी आवाज होती है तो लोग जाग जाते हैं, लेकिन वहांजाने की हिम्मत नहीं हो पाती है। नीरज कुमार ने बताया कि कई बार प्रशासन के लोगों को खबर की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। दिलीप कुमार ने कहा कि इन जले हुए मलबे में सभी तरह की दवाइयां होती हैं।

राजेश कुमार ने बताया कि यहां अक्सर दवाइयां जलाई जा रही हैं।

ऐटजेमी-गैस की दवा, कारोसी जेड-कफ सीरप, हाईपोसेफ- एंटीबायोटिक दवा, ओसीजोक्स- एंटीबायोटिक। जैसा प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया। मसौढ़ी के औषधि निरीक्षक चुनेंद्र महतो ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी।

^ग्रामीणों द्वारा इसकी जानकारी मिली है। हालांकि इस संबंध मे अबतक थाना में काेई भी शिकायत दर्ज नहीं हो सकी है। बावजूद इसके पुलिस मामले की जांच कर रही है।\\\"\\\" अमेरिकाराम, थानाध्यक्ष,धनरुआ

मधुवन गांव में पेट्रोल छिड़ककर जलाई गई दवाइयां।