आक्रोश के बीच चला बुलडोजर
पटनाउच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में एनएमसीएच की अतिक्रमित भूमि से दूसरे दिन मंगलवार को भी तकरार विरोध के बीच अतिक्रमण हटाने का क्रम प्रशासन ने जारी रखा। इस दौरान करीब दस करोड़ रुपए की लागत से बने भवन की चारदीवारी को प्रशासन ने गिरा दिया जबकि एक दवा दुकान को ध्वस्त कर दिया। पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार दो लोगों को जेल भेज दिया है।
दहशतमें गुजरी रात, सुबह आफत: खूनपसीने की कमाई से एक-एक ईंट जोड़ कर बनाए आशियां को बुलडोजर से एक झटके में टूटते देख लोगों में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है। सोमवार को प्रभावित लोगों की रात दहशत में गुजरी सुबह टीम के दोबारा पहुंचते ही लोग सहम गए। कुछ लोग राहत की उम्मीद लिए कोर्ट की शरण में गए थे लेकिन सफलता नहीं मिली। सुबह करीब दस बजे ही भारी संख्या में पुलिस बल लेकर एसडीओ केके प्रसाद, डीएसपी राजेश क., सीओ महेंद्र गुप्ता अन्य पदाधिकारी पहुंचे।
तकरारके बीच चला बुलडोजर: प्रशासनने पहुंचते ही सहकारिता औषधि भंडार के पिछले हिस्से को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद आईडीएच कॉलोनी में बने एनआईएचआर की बिल्डिंग पर पहुंच गए। यहां भवन के गेट पर तैनात महिलाएं भवन का गेट खोलने को तैयार नहीं थीं। इस बात को लेकर काफी देर तक तकरार हुई। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने चेतावनी देने के बाद दो जेसीबी मशीन की मदद से भवन की चहारदीवारी को चारों ओर से ध्वस्त कर दिया।
भवन का निर्माण 2009 में हुआ था। संस्थान को टूटने से बचाने के लिए संस्थान के छात्र-छात्राएं लगातार संघर्ष कर रहे थे। लेकिन प्रशासन की सख्ती के आगे एक चली।
^न्यायालय के आदेश के आलोक में एनएमसीएच की अधिगृहीत भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की मुहिम जारी रहेगी। अवैध रूप से रहने वाले लोगों को पूर्व ही जमीन खाली करने से संबंधित नोटिस दिया जा चुका है। केकेप्रसाद, एसडीओ,पटना सिटी अनुमंडल
कोर्ट के आदेश पर एनएमसीएच की अतिक्रमित 88 एकड़ में बने करीब 700 कच्चे-पक्का मकानों को तोड़ना है। प्रशासन की इस मामले में तेज हुई कार्रवाई पिछले दो दिनों से प्रभावित लोगों के घरों में चूल्हा चौका ठंडा पड़ा है। आईडीएच कॉलोनी में जब प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे तब समीप रहने वाली महिलाएं रोती हुई घर से बाहर निकलीं। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों का साफ तौर पर कहना था कि हर हाल में उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन कराया जाएगा।