अध्यक्ष पद के लिए त्रिकोणीय मुकाबला
पटनाविश्वविद्यालय में शिक्षक संघ चुनाव की तैयारियां पूरी हैं। मतदान सोमवार को होना है, तो रविवार तक प्रचार तेजी से चला। छुट्टी होने के कारण कैंपस में चुनावी गतिविधियां तो नहीं दिखी, लेकिन संपर्क अभियान जारी रहा। चुनाव लड़ रहे शिक्षक नेता अपना एजेंडा शिक्षकों के बीच रखते रहे। पे-फिक्सेशन, प्रोमोशन से लेकर सिक्योरिटी के मुद्दे पर शिक्षक नेता खुद को बेहतर विकल्प बताते रहे। चुनाव प्रक्रिया की फीकी शुरुआत के बावजूद आखिरी वक्त में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं।
अध्यक्ष पद की लड़ाई दिलचस्प है क्योंकि त्रिकोणीय मुकाबले में सभी अपना पलड़ा भारी बता रहे हैं। कला संकाय से आने वाले प्रो. पीके पोद्दार निवर्तमान अध्यक्ष हैं। प्रो. पोद्दार दूसरे टर्म में कंटीन्यू रहने की दौड़ में हैं, तो उनके सामने वाणिज्य महाविद्यालय के डॉ. एनके पांडेय और साइंस कॉलेज के डॉ. रोहित रमण हैं। अलग-अलग संकायों के इन शिक्षकों के पास अपनी योजनाएं भी हैं। वहीं, पूटा में सर्वाधिक महत्वपूर्ण पदों में से महासचिव के लिए सीधी लड़ाई डॉ. अनिल कुमार और डॉ. एनके झा में है।
सम्मान बनाए रखना जरूरी है: डॉ. कुमार
डॉ.अनिल कुमार ने बताया कि शिक्षकों के स्वाभिमान की रक्षा करना अौर उसे बढ़ाना है। आज स्थिति भयावह हो गई है। शिक्षकों के रूटीन कार्य भी रूटीन की तरह नहीं होते। उन्हें बेवजह परेशान किया जाता है। पे-फिक्सेशन मामले की कन्ट्रोवर्सी को दूर करेंगे। इसके अलावा स्टूडेंट-टीचर संबंधों का विकास किया जाएगा।
पटनाविवि को केंद्रीय विवि बनवाएंगे : झा
डॉ.एनके झा ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था के प्रति शिक्षकों में आक्रोश है। उनके एरियर का भुगतान नहीं हो रहा। मगध विवि के कॉलेजों का पटना विवि में विलय का भी हम विरोध करते हैं। साथ ही अगली पूटा कमेटी पटना विवि को केंद्रीय विवि बनाकर रहेगी।
प्रोन्नति का मामला सुलझाना है : प्रो. पोद्दार
प्रो.पोद्दार ने कहा कि पटना विश्वविद्यालय में शिक्षकों की प्रोन्नति का मामला इस हद तक उलझा हुआ है कि सभी परेशान हैं। हमने पिछले टर्म में कोशिश की। कुछ मामले सुलझे, लेकिन अब भी कई इसमें फंसे हैं। इन मामलों को हर हाल में सुलझाना है, यही प्राथमिकता है। इसके अलावा पटना विवि में मगध विवि के कॉलेजों को मिलाने की कवायद हम सफल होने नहीं देंगे। टीचर्स क्वार्टर की स्थिति में भी सुधार लाना है।
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