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प्राइवेट गार्ड नहीं, पीएमसीएच की सुरक्षा अब पूर्व सैनिकों के हवाले
पीएमसीएचकी सुरक्षा व्यवस्था अब पूर्व सैनिक संभालेंगे। प्राइवेट सुरक्षाकर्मियों को हटा दिया जाएगा। 30 सितंबर से प्राइवेट एजेंसी को हट जाने का आदेश दिया गया है। देखा जा रहा है कि प्राइवेट एजेंसी के सुरक्षा कर्मी सुरक्षा व्यवस्था कायम रखने में सक्षम साबित नहीं हो रहे हैं। प्राइवेट एंबुलेंस को हटाने में भी ये सक्षम नहीं है। इसी वजह से इन्हें हटाने का निर्णय लिया गया है। यह जानकारी गुरुवार को अधीक्षक डॉ. लखींद्र प्रसाद ने दी। उन्होंने बताया कि सुरक्षा एजेंसी बदलने और उनके जगह पर पूर्व सैनिकों को तैनात करने के लिए विभाग को लिखा गया है। वैसे पीएमसीएच की सुरक्षा व्यवस्था का पुख्ता इंतजाम नहीं है। इमरजेंसी में ड्यूटी करने वाले डॉक्टर सुरक्षा बढ़ाने की मांग करते हैं। इसके अलावा इमरजेंसी में मरीज के साथ अधिक लोगों के प्रवेश पर रोक की लंबे समय से मांग कर रहे हैं। चिकित्सकों की राय में इमरजेंसी की सुरक्षा व्यवस्था ठीक नहीं है।
पीएमसीएच के शिशु विभाग में दवा के लिए हीमोफीलिया पीड़ित मरीज के परिजन से पैसा मांगने वाला आरोपी कर्मचारी सस्पेंड हो सकता है। कार्रवाई का आदेश अधीक्षक डॉ. लखींद्र प्रसाद ने दे दिया है। अधीक्षक ने बताया कि आरोपी कर्मचारी को जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया। इसके बाद विभाग की जांच कमेटी और उसके बयान को मिलाया जाएगा। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी मिली तो उसे सस्पेंड किया जाएगा। मालूम हो कि मरीज के परिजन ने आरोप लगाया था कि पैसा देने से मना करने पर कर्मचारी ने हाथ पकड़ लिया था। वैसे विभाग की ओर से हुई जांच में भी कर्मचारी की गतिविधियों पर संदेह जाहिर किया गया है।