12-16 लाख का फेर, रुका काम
नगर आयुक्त से मिले अनुकंपा लाभार्थी
12लाख और 16 लाख के चक्कर में वार्डों की विकास योजनाएं फंसी हैं। निगम के पदाधिकारी उलझन में हैं कि 12 लाख की योजना को आगे बढ़ाया जाए या 16 लाख की योजना को। विपक्ष के पार्षद 12 लाख की योजना को पहले आगे बढ़ाने की रट लगाए हैं तो मेयर समर्थक 16 लाख की। एक योजना डिप्टी मेयर की अध्यक्षता वाली निगम बोर्ड की विशेष बैठक से पारित है तो दूसरी मेयर द्वारा सशक्त स्थायी समिति और निगम बोर्ड की बैठक से। 12 लाख की योजना वैध है या 16 लाख की, किसे लागू किया जाए, इस बारे में नगर आयुक्त शीर्षत कपिल अशोक कुछ भी स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 12 और 16 लाख की योजना पर मार्गदर्शन के लिए विधि शाखा के पास भेजा गया है। विधिसम्मत निर्णय लिया जाएगा।
विपक्षके पार्षद मिले कपिल से
12लाख की योजना में हो रही देरी पर सोमवार को विपक्ष के पार्षद विनय कुमार पप्पू नगर आयुक्त से मिले। कहा कि निगम बोर्ड द्वारा पारित योजनाओं को तुरंत लागू कराएं। पहले 12 लाख की योजना को आगे बढ़ाएं। अगर राशि उपलब्ध हो तो 16 लाख की भी योजना को अलग से वार्डों के विकास के लिए करें। हमें एतराज नहीं होगा। उन्होंने नगर आयुक्त से कहा कि पिछले दिनों सशक्त स्थायी समिति की बैठक में सही निर्णय नहीं लिया गया है। निगम से हटाए गए वरीय विधि परामर्शी ललित किशोर को निगम में रखने का प्रस्ताव पारित किया गया है। यह गलत है।
विपक्ष के पार्षद निगम मुख्यालय की सीढ़ी के पास मंत्री के आगमन के विरोध में प्रदर्शन करने लगे। कुछ देर तक वहीं गेट पर विपक्ष के पार्षदों ने काली पट्टी बांध विरोध प्रदर्शन किया। नगर विकास एवं आवास विभाग मंत्री की बैठक दोपहर दो बजे से निर्धारित कि गई थी, जबकि दोपहर 12:30 बजे ही प्रदर्शन शुरू हुआ और कुछ देर में खत्म हो गया। बैठक में जलजमाव, अतिक्रमण, नाला उड़ाही, डोर-टू-डोर आदि योजनाओं की समीक्षा की जानी थी। इस मौके पर पार्षद विनय कुमार पप्पू, पार्षद पिंकी यादव, संजय कुमार सिंह, अशोक कुमार, सीता सिन्हा, प्रमिला वर्मा, प्रभा देवी, सुनैना देवी, सुषमा देवी, तरुणा राय उपस्थित थे।
नगर निगम मुख्यालय में नगर विकास एवं आवास विभाग मंत्री सम्राट चौधरी की निगम पदाधिकारियों के साथ बैठक सोमवार को रद्द हो गई। पूर्व से निर्धारित बैठक नहीं हुई। हालांकि बैठक की तैयारी निगम की ओर से पूरी कर ली गई थी। इसके पहले बैठक रद्द किए जाने की सूचना निगम में फैक्स से मिली। बताया गया कि निगम के सभा कक्ष में निगम से संबंधित बैठक अपरिहार्य कारणों से रद्द किया जाता है। मंत्री के आने की सूचना पर निगम कार्यालय का रंगरोगन किया गया था।