छोटी प्लानिंग से सकता है अच्छा रिजल्ट
बिहारबोर्ड और सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाओं का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। परीक्षार्थियों की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। रिवीजन का काम भी पूरा हो चुका है। जैसे-जैसे परीक्षा की तिथियां नजदीक रही हैं, छात्रों का तनाव बढ़ रहा है। यह तनाव पूरे एक साल की मेहनत पर पानी फेर सकता है। ऐसे में एग्जाम और स्ट्रेस मैनेजमेंट कैसे करें, इसके बारे में सहोदय के अध्यक्ष डॉ. राजीव रंजन सिन्हा ने कुछ टिप्स दिए हैं।
{लगातार पढ़ें, ब्रेक जरूर लें।
{बीच-बीच में संगीत, गेम आदि खेल सकते हैं।
{अनुशासित होकर पढ़ें। जितना भी पढ़े, पुख्ता पढ़ें।
{अपनी तैयारी की रूपरेखा तैयार कर पढ़ें।
{सैंपल पेपर से खुद को जांचें। ईमानदारी से मूल्यांकन करें।
{याद करने के स्मार्ट ट्रिक्स का खुद निर्माण करें।
अंतिमक्षणों में रिवीजन ऐसे
{समयकम बचा है। जो पढ़ा है, उसी का रिवीजन करें।
{नए चैप्टर पर दिमाग लगाएं। आत्मविश्वास घटेगा।
{वन मार्क्स क्वेश्चन के लिए सैंपल पेपर कंसल्ट करें।
{कंसंट्रेशन में परेशानी हो तो ब्रेक लें।
{ज्यादा चाय-कॉफी का प्रयोग करें। प्राणायाम करें।
खुद पर रखें विश्वास
अापअपनी तैयारी पर पूरा विश्वास रखें। बिना वजह परेशान हों। याद रखें, अगर आप डर जाएंगे तो इसका असर आपका परीक्षाफल पर पड़ेगा। अगर आप 90 प्रतिशत या फिर इससे कम अंक को असफलता मानते हैं तो कृपया इसे दिमाग से निकाल दें। आप अपना बेस्ट देने पर ध्यान दें।
फनएग्जाम बनाएं
परीक्षाको मानसिक रूप से जितना कैजुअली लेंगे उतना बेहतर है। कैजुअली का मतलब यह नहीं है कि आप मेहनत में कमी करें। अच्छा होगा कि आप इसे फन एग्जाम बनाएं।
टाइममैनेजमेंट
मैनेजमेंटका दौर है। अगर आप थोड़ा-सा दिमाग लगाकर अपनी मेहनत को मैनेज कर लेते हैं तो निश्चित तौर पर आप अपनी क्षमता से बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे। परीक्षा में लिखने से लेकर टाइम मैनेजमेंट का ध्यान रखें। याद रखें छोटी प्लानिंग से अच्छा रिजल्ट सकता है।
डॉ. राजीव रंजन सिन्हा