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गठबंधन में मजबूरी में भी लेने पड़ते हैं फैसले
पूर्वमुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि गठबंधन धर्म निभाने के लिए में कभी-कभी मजबूरी में फैसले करने पड़ते हैं। जदयू के कार्यकर्ताओं को महागठबंधन का मकसद समझने का प्रयास करना चाहिए। बिहार में जदयू, राजद और कांग्रेस की एकता से जनता उत्साहित है। हमारे कार्यकर्ताओं को इस उत्साह को बरकरार रखना होगा। नीतीश सोमवार को 7 सर्कुलर रोड स्थित अपने सरकारी घर में भागलपुर और बांका के जदयू कार्यकर्ताओं से बात कर रहे थे। भागलपुर के कुछ कार्यकर्ताओं ने विधानसभा की सीट कांग्रेस को देने पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि भागलपुर में जदयू की स्थिति मजबूत थी, इसलिए उपचुनाव में पार्टी को फायदा होता।
सूत्रों के अनुसार नीतीश ने कार्यकर्ताओं से कहा कि कोई बात कहने से पहले गठबंधन की मजबूरी को भी समझना चाहिए। हमने भागलपुर में कांग्रेस की मदद की तो कई सीटों पर हमें राजद और कांग्रेस से भी भरपूर मदद मिली। विधानसभा चुनाव में हमें और मौके मिलेंगे। आप सब महागठबंधन को लेकर लोगों में कायम उत्साह को बरकरार रखिए।