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सरकार का भरोसा छोड़ दें किसान : कृषि मंत्री
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह ने किसानों को नसीहत दी है कि सरकार का भरोसा छोड़ दीजिए। कोई भी राजनीतिक दल देशहित में नहीं है। नेता अपनी जेब भरने और लोगों को बांटने में लगे हैं। राजनीतिक दल और नेता चाहते हैं कि गांव में लोग जाति धर्म में बंटे रहे और इसके आधार पर वोट मिलता रहे। वे शनिवार को एएन सिन्हा इंस्टीट्यूट में बिहार बीज उत्सव का उद्घाटन कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि देश गुलामी के दोराहे पर खड़ा है। चीन, जापान और अमेरिका के आगे रेड कारपेट बिछाना गुलामी को आमंत्रण देना ही है। हम खुद पर भरोसा नहीं कर पा रहे। कांग्रेस और भाजपा की नीति में फर्क नहीं है। वाजपेयीजी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने भी बाल्को नाल्को जैसे सरकारी उपक्रमों को बेचा था। उस सरकार में हमारा दल भी शामिल था। नरेंद्र मोदी चुनाव के पहले कुछ और कहते थे और प्रधानमंत्री बनने के बाद उनका राग बदल गया। अब वे कहते हैं कि पुरानी सरकार के निर्णय को बदलना कठिन है। पैक्स चुनाव से लेकर लोकसभा चुनाव तक लोग दारू की बोतल लेकर अपनी जाति के उम्मीदवार को वोट देते हैं। गांव से जातिवादी जहर को खत्म करना होगा। संसद से बीज विधेयक पारित हो जाने पर किसान लुट जाएंगे। यह किसानों के हित में नहीं है।
पटना. अबराज्य में कृषि यंत्र निर्माण इकाई लगाने के लिए 10 करोड़ों रुपए तक का अनुदान मिलेगा। कृषि यंत्र निर्माण प्रोत्साहन योजना के तहत सरकार यह अनुदान देगी। एग्रो बिहार 2013 के दौरान कृषि यंत्रों के लिए व्यापक बाजार को देखते हुए सरकार ने उद्यमियों को आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहन नीति बनाई है। कृषि यंत्र निर्माण करने वाली नई सूक्ष्म, लघु, मध्यम और बड़ी इकाइयों को लगाने के लिए अचल पूंजी निवेश, जिसमें कारखाना, भवन, मशीन प्लांट, विद्युतीकरण आदि पर किए गए पूंजी निवेश का 35 फीसदी पूंजीगत अनुदान राज्य सरकार देगी। सूक्ष्म एवं मध्यम श्रेणी की इकाइयों के लिए अधिकतम पांच करोड़ तथा बड़ी इकाइयों के लिए अधिकतम 10 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा। लेकिन, औद्योगिक प्रोत्साहन नीति 2011 के तहत घोषित पूंजीगत अनुदान का लाभ इसके लागू होने के बाद नहीं मिलेगा।
पटना. नरेंद्रसिंह ने कहा कि अब भारतीय वैज्ञानिक भी हाइब्रिड बीज की खोज करेंगे। अभी तक यहां के वैज्ञानिक ऐसा नहीं कर रहे थे। देशी परंपरागत बीजों पर भी शोध की जरूरत है, ताकि गुणवत्तापूर्ण और अधिक उत्पादन