नगर निगम के अधिकारों का हनन करे विभाग
नगरनिगम में सफाई पर्यवेक्षक समेत सात विभिन्न पदों पर दो सौ कर्मियों को बहाल करने की प्रक्रिया पर पक्ष-विपक्ष के पार्षदों ने विभाग के मंसूबे पर सवाल उठाया है। बहाली के लिए निगम में चल रहे साक्षात्कार का विरोध करते हुए पार्षदों ने कहा है कि विभाग नगर निगम के अधिकारों, सशक्त स्थायी समिति और बोर्ड के अधिकारों का हनन करे। डिप्टी मेयर ने विभाग पर आरोप लगाया है कि इस तरह की बहाली कर बड़े पैमाने पर पैसे का लेन देन हुआ है।
पासतो हुए अब ज्वाइनिंग में लगा अड़ंगा : सफाईपर्यवेक्षकों को बहाल करने के लिए मंगलवार को भी दूसरे दिन आवेदकों का इंटरव्यू लिया गया। कुल 26 आवेदकों का इंटरव्यू हुआ, जिसमें मात्र तीन इंटरव्यू में पास हुए। सोमवार को 36 आवेदकों ने इंटरव्यू दिया था उसमें से 11 पास हुए थे। पास हुए अभ्यर्थी मंगलवार को निगम मुख्यालय में ज्वाइनिंग लेटर लेने आए थे, लेकिन उन्हें लेटर नहीं मिला।
नागेंद्र कुमार, रवि कुमार, रवींद्र कुमार आदि ने बताया कि हमलोगों ने सफाई पर्यवेक्ष के लिए इंटरव्यू दिया था। इंटरव्यू में पास हो गए। मंगलवार को ज्वाइनिंग लेटर मिलने वाला था, लेकिन दिन भर इस चेंबर से उस चेंबर की दौड़ लगाते रहे, ज्वाइनिंग लेटर नहीं मिला। निगम पदाधिकारियों द्वारा बताया गया कि मेयर द्वारा इस पर रोक लगा दी गई है। पार्षद संजीव कुमार और बालेश्वर सिंह ने नगर आयुक्त कुलदीप नारायण को पत्र लिख कर कहा कि अनुकंपा पर नियुक्ति आखिर आज तक नहीं किया जाना और एनजीओ के माध्यम से निगम में कर्मियों को बहाल करना कहां तक उचित है? अगर इसी तरह से बहाली हुई तो फिर सशक्त स्थायी समिति और निगम बोर्ड की क्या आवश्यकता है?
यह है मामला
नगरविकास एवं आवास विभाग ने मैन पावर उपलब्ध कराने के लिए जीए डिजिटल वेब वर्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड का चयन किया है। जीएडी द्वारा चयनित उम्मीदवारों से पटना नगर निगम में योगदान सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसे देखते हुए निगम द्वारा मंगलवार से साक्षात्कार शुरू किया गया है। 175 सफाई पर्यवेक्षक समेत जूनियर प्रोग्राम मैनेजर, वित्त एसडीए, असैनिक अभियंता, मेकेनिकल अभियंता, अंचल पर्यवेक्षक, एकाउंटेंट, आईटी एसोसिएट को बहाल किया जाना है।