नवीनीकरण के प्रावधान का विरोध
आरक्षण पर फैसला सुरक्षित
मुकदमा फाइल करने की प्रक्रिया का विरोध
रिश्वत मामले में पुलिस जमादार के खिलाफ आरोप पत्र
एससी,एसटी को प्रोन्नति में आरक्षण दिए जाने के खिलाफ दायर रिट याचिका पर सुनवाई के बाद पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति वी नाथ ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया। गौरतलब है कि वर्ष 2012 में राज्य सरकार ने एससी, एसटी को प्रोन्नति में आरक्षण देने का फैसला लिया था। इसके खिलाफ सुशील कुमार सिंह ने यह याचिका दायर की थी। कोर्ट ने सरकार के फैसले पर रोक लगाने के मामले को सुनवाई के लिए मंजूर कर लिया था। याचिकाकर्ता का पक्ष वरीय अधिवक्ता विनोद कुमार कंठ और विंध्याचल सिंह ने रखा। प्रधान अपर महाधिवक्ता ललित किशोर ने राज्य सरकार की ओर से दलील पेश की। अधिवक्ता दीनू कुमार ने भी याचिका का विरोध किया।
नहींमिली राहत
बाढ़घोटाला कांड के आरोपी संतोष कुमार झा को हाईकोर्ट से आयकर बकाया देने के मामले में राहत नहीं मिली। आयकर ट्रिब्यूनल ने झा को आयकर की बकाया राशि 12 करोड़ का भुगतान 180 दिनों के भीतर करने का निर्देश दिया था। उसी के खिलाफ झा ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। न्यायमूर्ति रमेश कुमार दत्ता तथा डॉ. रविरंजन की खंडपीठ ने याचिका को निष्पादित करते हुए ट्रिब्यूनल को 6 महीने के भीतर मामले का निपटारा करने का निर्देश दिया। झा अब ट्रिब्यूनल के सामने अपना पक्ष रखेंगे।
पटना| पटनाहाईकोर्ट रजिस्ट्री ने मुकदमा फाइल करने की जो नई प्रक्रिया बनाई है उसका हाईकोर्ट के वकीलों ने विरोध किया है। वरीय अधिवक्ता राज्य बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि पुरानी प्रक्रिया को समाप्त कर जो नई प्रक्रिया शुरू होने जा रही है वह पूरी तरह अव्यावहारिक है। वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा ने कहा कि रजिस्ट्री मामले को इतना उलझाया जा रहा है, ताकि कोई नया मामला दायर ही हो सके। इससे केवल मुकदमा दायर करने में विलंब होगा, बल्कि वकीलों को भारी परेशानी भी होगी। वरीय अधिवक्ता विभूति प्रसाद पांडेय ने कहा कि हाईकोर्ट प्रक्रिया को सरल करने की बजाय उसे जटिल बनाकर वकीलों पर थोप रही है। इसे कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने मुकदमा दायर करने की पुरानी प्रक्रिया को बदल कर नई प्रक्रिया अगले साल 1 जनवरी से लागू करने का निर्णय लिया है। वकील इसी का विरोध कर रहे हैं। अधिवक्ता प