गांधीजी अंतरराष्ट्रीय स्वप्नद्रष्टा
रामेश्वरदास पन्ना लाल महिला कॉलेज के दर्शन शास्त्र विभाग की ओर से बुधवार को स्त्री शिक्षा की गांधीवादी संकल्पना विषय पर आयोजित व्याख्यान में वक्ताओं ने कहा कि गांधीजी अंतरराष्ट्रीय स्वप्नद्रष्टा थे। कॉलेज के दर्शन विभाग की ओर से शिक्षित कन्या-सक्षम परिवार अभियान के तहत इसका आयोजन किया गया। बिहार दर्शन परिषद के महासचिव टीपीएस कॉलेज के दर्शन शास्त्र के विभागाध्यक्ष डाॅ. श्यामल किशोर ने कहा कि गांधी जी लर्निंग वाई डुइंग प्रक्रिया से शिक्षा का विस्तार करना चाहते थे। वे महिलाओं की शिक्षा काे एक सक्षम परिवार, समाज राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण कारक मानते थे। कॉलेज की प्राचार्या डाॅ. सुशीला दास ने गांधी की बुनियादी अवधारणा पर प्रकाश डाला। प्रो. जयश्री धर प्रो पुष्पा लाल ने गांधी को एक अंतरराष्ट्रीय स्वप्न दृष्टा संतुलित समाज का निर्माता बताया। मंच संचालन करते हुए डॉ. नागेंद्र मिश्र ने गांधी को शिक्षा का एक ऐतिहासिक महापुरुष कहा।
किसान कॉलेज, सोहसराय के दर्शन शास्त्र विभागाध्यक्ष डाॅ आभास कुमार ने विचार रखे। व्याख्यान को डाॅ सुनीता सिंह, डाॅ शशि जैन गुप्ता, डाॅ. उषादेवी शर्मा, डाॅ. केके मिश्र, डाॅ. शहनाज, डाॅ. रजिया, डाॅ. अज्जू जैन, प्रो. शिव चंद्र सहित कई शिक्षक-शिक्षिकाओं ने संबोधित किया।