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जेपी विवि में घपला, विधान परिषद में कुलपति से होगी पूछताछ

7 वर्ष पहले
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जयप्रकाशनारायण विश्वविद्यालय छपरा में वित्तीय अनियमितता की निगरानी जांच शुरू है। िवधान परिषद द्वारा इसकी समीक्षा भी की जानी है। इधर, कुलपति डॉ. द्विजेंद्र गुप्ता ने पत्र लिखकर संविधान के अनुच्छेद 23 का हवाला देकर समानांतर जांच की वैधानिकता पर सवाल उठाया है।

परिषद के उपसभापति सलीम परवेज सहित अन्य सदस्यों की अोर से गुरुवार को परिषद में बुलाई गई बैठक में कुलपति खुद को अस्वस्थ बताकर नहीं आए। अब परिषद ने कुलपति के साथ 5 जनवरी को बैठक की अगली तिथि तय की है। इसके साथ कुलपति द्वारा परिषद उपसभापति को सीधे लिखे पत्र और इसकी प्रति सभापति अवधेश नारायण सिंह को भेजने पर सदस्यों ने नाराजगी आपत्ति जताई है।

जेपी विवि में उत्तर पुस्तिकाओं की खरीद में वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में हाल में दैनिक भास्कर ने कई रिपोर्ट प्रकाशित की है। इस संबंध में निगरानी ब्यूरो को मिली शिकायत पर जांच शुरू हुई है।

वैधानिक पहलू पर करेंगे महाधिवक्ता से परामर्श

विधान परिषद के पिछले सत्र में कांग्रेस के दिलीप कुमार चौधरी अन्य सदस्यों ने जेपी विवि में वित्तीय अनियमितता को लेकर ध्यानाकर्षण सूचना दी थी। सभापति ने इस मसले की उपसभापति को समीक्षा का जिम्मा सौंपा था। साथ में संबंधित सदस्य दिलीप कुमार चौधरी और भाकपा के केदार पांडेय संजय कुमार सिंह को भी बैठक में रहने का निर्देश दिया था। मामले की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में कुलपति नहीं आए, पर उनके पत्र के विषयवस्तु को लेकर परिषद काे घोर आपत्ति एवं नाराजगी हुई। चौधरी ने बताया कि मामले की निगरानी जांच के होते परिषद को समीक्षा का अधिकार है। कुलपति ने संविधान का गलत हवाला दिया है। इसके साथ उन्होंने उपसभापति को सीधे पत्र भेजकर भी अनुचित किया है। उन्हाेंने कहा कि कुलपति को परिषद में खुद उपस्थित होकर सफाई देनी होगी। मामला कोर्ट में ट्रायल में होने पर परिषद जांच नहीं करेगी, पर समीक्षा तो करेगी ही। इसमें कोई रुकावट नहीं है। कुलपति ने नियमों की गलत व्याख्या कर बेतुका जवाब दिया है।

^प्रथमदृष्टया कुलपति का जवाब गलत है। निगरानी जांच शुरू होने की हालत में परिषद जांच या समीक्षा कर सकती है या नहीं, इसके वैधानिक पहलू पर वह परिषद के पदेन सदस्य महाधिवक्ता से परामर्श करेंगे। कुलपति के पत्र में संविधान के अनुच्छेद 23 का हवाला देकर समानांतर जांच नहीं करने की बात कही गई है