डीडीसी, बीडीओ से क्यों वसूले जाएं पैसे
282 करोड़ का नुकसान
रेलवे के मुख्य अभियंता (पुल) ने कोर्ट को बताया कि पुल रिपेयरिंग का काम अगले वर्ष दिसंबर तक पूरा होगा
समय से पहले पूरी करें मोकामा पुल की मरम्मत: हाईकोर्ट
पटनाहाईकोर्ट ने रेलवे से मोकामा पुल की मरम्मत का काम पूरा करने की समय सीमा को कम करने पर विचार करने को कहा है। रेलवे के मुख्य अभियंता (पुल) गुरुवार को पेश होकर कोर्ट को बताया कि पुल रिपेयरिंग का काम अगले वर्ष दिसंबर तक पूरा होगा।
उन्होंने कई तकनीकी कारण बताते हुए कहा कि उनके स्तर से समय सीमा कम करना संभव नहीं है। इसपर कोर्ट ने कहा कि हम जरूरी हुआ तो रेलवे बोर्ड के सचिव या चेयरमैन को भी तलब कर सकते हैं। अगर आप समक्ष नहीं हैं तो जो भी सक्षम पदाधिकारी हैं, उनसे विमर्श कर अगली तारीख 25 दिसंबर को सूचित करें कि कम से कम समय में पुल रिपेयरिंग का काम कबतक पूरा होगा। न्यायमूर्ति वीएन सिन्हा न्यायमूर्ति पीके झा की खंडपीठ ने पूर्व सांसद शत्रुघ्न प्रसाद सिंह अन्य की ओर से दायर पीआईएल पर सुनवाई की। रेलवे के टाल-मटोल के रवैए को कोर्ट ने जनहित के विरुद्ध बताया। कोर्ट ने कहा कि रेलवे नॉर्थ ईस्ट में जिस तेजी से काम कर रहा है उस तेजी से बिहार में क्यों नहीं कर रहा है?
जीएम ने कोर्ट को बताया कि बख्तियारपुर से जीरो माइल बरौनी तक सड़क बनाने के लिए राज्य सरकार ने 72 करोड़ मांगे थे। लेकिन जब हमने आकलन किया तो वही काम अब 18 करोड़ में हो रहा है।
काम के बदले अनाज योजना के तहत 282 करोड़ रुपए राजस्व की जो क्षति राज्य सरकार को हुई है, उसकी भरपाई किस प्रकार सरकार करेगी? जनवितरण प्रणाली के दुकानदारों के साथ जिम्मेवार डीडीसी और बीडीओ से भी आधी राशि की वसूली क्यों की जाए? पटना हाईकोर्ट ने इन सवालों का जवाब राज्य सरकार से मांगा है। न्यायमूर्ति मिहिर कुमार झा के एकल पीठ ने दो दर्जन से अधिक रिट याचिकाओं पर सुनवाई के बाद जवाब तलब किया। उस समय मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह कोर्ट में मौजूद थे। मुख्य सचिव ने स्वीकार किया कि 282 करोड़ राजस्व का नुकसान हुआ है। उसकी वसूली के लिए कौन-सा तरीका अपनाया जाए, इसपर विचार कर सरकार निर्णय लेगी। कोर्ट ने प्रधान अपर महाधिवक्ता ललित किशोर को अगली तारीख (24 सितंबर) पर सरकार के निर्णय की जानकारी देने के लिए कहा। दरअसल, 2000-2001 में राज्य सरकार ने काम के बदले अनाज योजना के तहत जनवितरण प्रणाली क