जमीन विवादों का 90 दिनों में ही निराकरण
भूमिकीसमस्या बिहार की धरती पर रही है। नया अधिनियम 2009 में बिहार भूमि अधिकार निराकरण नियम बनाया गया है जिसमें 90 दिन के अंदर जमीन से जुड़े विवाद का निराकरण करना है। यह बातें गुरुवार को एएन सिन्हा समाज अध्ययन संस्थान में एक कार्यशाला में राजस्व और भूमि सुधार मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव ने कही। वह संस्थान में भूमि सुधार के लिए संबंधित अधिकारियों के चार दिवसीय प्रशिक्षण समारोह में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि सरकार ने ऑपरेशन बसेरा और ऑपरेशन भूमि दखल जैसी योजना बनाई है। जिसमें दलित, महादलित और अनुसूचित जनजातियों को जमीन दिलाने के लिए बजट की व्यवस्था की गई है। अभी दो लाख 25 हजार लोगों को 3 डिसमिल जमीन मिल चुकी हे। कार्यशाला में विभाग के प्रधान सचिव व्यास जी ने कहा कि भूमि सुधार के अंतर्गत हम भूमि का आवंटन भूमि रहित और वैसे गरीब जिनके पास जमीन नहीं है उनको करेंगे। उन्होंने बंधोपाध्याय कमेटी की बातों को अपनाने की बात कही। कहा जिला पदाधिकारियों को भी इस विषय पर संवेदनशील बनाने की आवश्यकता है।
संस्थान के निदेशक प्रो. डीएम दिवाकर ने कहा कि जमीन का सवाल कई तरह से महत्वपूर्ण है यह जन आंदोलन से प्रारंभ हुआ। गरीबी उन्मूलन के लिए यह एक महत्वपूर्ण औजार रहा है। इस मौके पर मंच संचालन संस्थान के असिस्टेंट प्रोफेसर विद्यार्थी विकास ने किया। धन्यवाद ज्ञापन विभाग के विनोद कुमार झा ने दिया।
बांए से- भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव व्यासजी, मंत्री नरेंद्र नारायण यादव, एएन सिन्हा संस्थान के निदेशक प्रो. डीएम दिवाकर।