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- कार्यशाला में यूनिसेफ के गणेश निगम ने कंप्यूटर प्रोग्रामर्स को तकनीकी जानकारी दी।
कार्यशाला में यूनिसेफ के गणेश निगम ने कंप्यूटर प्रोग्रामर्स को तकनीकी जानकारी दी।
कार्यशाला में यूनिसेफ के गणेश निगम ने कंप्यूटर प्रोग्रामर्स को तकनीकी जानकारी दी।
स्कूल की योजना में इस्तेमाल करें डाटा
डीबी स्टार > पटना
यूनाफाइडडिस्ट्रीकइंफार्मेशन सिस्टम ऑन एजुकेशन (यूडीआइएसई) के डाटा का प्रयोग जितना ज्यादा करेंगे, उतना हमें पता चलेगा कि स्कूल स्तर पर चल रहे कार्यक्रमों में कितनी कमियां हैं। स्कूल के शिक्षक और प्राचार्य अपने स्कूल के डाटा का एनालाइज कर उस जानकारी को स्कूल से संबंधित योजनाओं के निर्माण में कर सकते हैं। यह बातें गुरुवार को बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक राहुल सिंह ने कही।
वह परियोजना और यूनिसेफ की ओर से बिहार के सभी जिलों से आए सहायक कंप्यूटर प्रोग्रामर्स के लिए आयोजित वर्कशॉप में बोल रहे थे। वर्कशॉप में उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बिहार के सभी जिलों के डीइओ, डीपीओ समेत दूसरे गैर तकनीकी लोगों काे भी प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि यूडीआइएसइ के डाटा का ज्यादा से ज्यादा उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम में यूनिसेफ की शिक्षा विशेषज्ञ प्रमिला मनोहर ने कहा कि 1994 में राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन विश्वविद्यालय ने यूनिसेफ के सहयोग से एक स्कूल आधारित सूचना प्रणाली विकसित की थी। इसे जिला शिक्षा सूचना प्रणाली(यूडीआइएसइ ) के रूप में जाना जाता है। इस प्रणाली में प्रत्येक स्कूल से डाटा इक्ट्ठा करने और विश्लेषण करने के लिए ऊंच स्तर पर एक डिजायन किया गया था। 2013 में इसमें हाईस्कूलों को भी शामिल कर लिया गया तब से इसे यूडीआइएसइ के रूप में जाना जाता है। 2005 के बाद से सभी स्कूलों की जानकारी यूडीआइएसइ की वेबसाइट पर माैजूद हैं। वहीं यूनिसेफ दिल्ली से आए कंसल्टेंट गणेश निगम ने वर्कशॉप में डाटा के बेहतर प्रयोग करने के तरीके की जानकारी दी।
क्या है यूडीआइएसई
यह एक एकीकृत जिला सूचना प्रणाली है जिसमें कक्षा 1 से 12 तक के बच्चों का विवरण, संबंधित सूचनाओं का संकलन और सभी शिक्षा से संबंधित डाटा की इंट्री की जाती है। इसमें बच्चों की संख्या, सामाजिक संरचना के अनुसार नामांकन की स्थिति, ड्राप आउट रेट, सेक्स रेशियो, स्कूल के संसाधनों की संख्या, शिक्षकों की संख्या, शिक्षकों का प्रोफाइल और विशेष जरूरतों वाले बच्चों की स्थिति का विवरण होता है। इसका प्रयोग विश्लेषण, नियोजन या स्कूल प्रणाली की निगरानी के लिए किया जा