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कचरा उठाने वाले वाहन मालिकों को नहीं मिला पैसा, 18 से ठप करेंगे काम

6 वर्ष पहले
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शहरसे कचरे का उठाव ठप हो सकता है। कचरा उठाव करने वाले वाहन मालिकों ने नगर निगम को 17 फरवरी तक का अल्टीमेटम दिया है। कहा है 17 फरवरी तक बकाए पैसे का भुगतान नहीं किया गया तो 18 फरवरी से कचरा उठाव का काम बंद कर दिया जाएगा। इस संबंध में नूतन राजधानी अंचल में भाड़े पर वाहन चला रहे 15 लोगों ने नगर आयुक्त को पत्र लिखा है। बताया है कि 11 महीनों से भाड़े के वाहन टीपर, पे लाेडर और हाइड्रोलिक ट्रैक्टर का भुगतान नहीं किया गया। निगम में भाड़े के वाहन चला रहे फर्म और वाहन मालिकों ने योजना बनाई है कि पहले नूतन राजधानी अंचल में कचरे का उठाव बंद किया जाएगा, उसके बाद एक-एक कर सभी अंचलों से कूड़े का उठाव नहीं किया जाएगा। वाहन चलाने वाले फर्म मालिक के अनुसार करीब चार करोड़ रुपए से भी अधिक का बकाया निगम के पास है।

{हर दिन 1000-1200 टन शहर का कचरा डंप होता बैरिया डंपिंग यार्ड में {बैरिया में पांच हाईवा काम कर रहा है डंपिंग यार्ड से कूड़े को समतलीकरण के लिए {बांकीपुर, कंकड़बाग और नूतन राजधानी अंचल में 74 भाड़े के ट्रैक्टर से उठाया जाता है कूड़ा {कचरा उठाव के लिए भाड़े पर बड़े वाहनों में 9 पे लोडर, 8 हाईवा, 6 टीपर काम कर रहा है {हर दिन लगभग 845 कूड़ा प्वाइंट से कचरे का उठाव होता है {कचरा उठाव के लिए भाड़े पर चल रहे वाहन नहीं चलता है तो निगम के पास कचरा उठाव के लिए कुछ ट्रैक्टर छोड़ खुद के वाहन नहीं हैं।

निगम में भाड़े पर टीपर चला रहे अशोक सिंह बताते हैं कि हमारा छह टीपर निगम में चल रहा है। 44 लाख बकाया निगम के पास है। अंचल में पैसे के लिए जाते हैं, तो वहां बोला जाता है मुख्यालय से आवंटन प्राप्त नहीं हुआ है, इसलिए पैसा मिलने में देरी हो रही है। मुख्यालय में जाते हैं तो बताया जाता है फॉरमेट में अंचलों द्वारा आवंटन नहीं मिल रहा है, इसलिए मुख्यालय से आवंटन नहीं भेजा जा रहा है। पैसा नहीं मिलने के कारण स्थिति खराब हो गई है। स्थिति यह हो गई है अब काम बंद करना होगा।

नूतन राजधानी अंचल में अखिलेश कुमार ने बताया कि मेरा दो पे लोडर और आठ हाइड्रोलिक ट्रैक्टर चलता है। इन वाहनों से सड़कों से कचरा उठा कर डंपिंग यार्ड तक पहुंचाया जाता है। 11 महीने हो गए हैं, अब तक एक भी पैसा नहीं मिला है, जबकि हर दिन कचरे का उठाव किया जा रहा है। हमारा 41 लाख रुपए निगम के पास बकाया है। सोमवार को नगर आयुक्त से मिले, लेकिन सिर्फ आश्वासन दिया गया। इसलिए हमलोगों ने निर्णय लिया है कि जब तक पैसा नहीं मिलेगा कचरा नहीं उठाएंगे।