पटना/मसौढ़ी. मसौढ़ी के चपौर मुसहरी निवासी धुरी मांझी (32) ने प|ी की बीमारी के लिए जिम्मेदार मानकर अपने पिता रामदेव मांझी (60) को सिलवट से पीट-पीट कर मार डाला। पति को निर्दयी बेटे से बचाने के लिए उसके पांव पकड़ कर गुहार लगा रही मुकनी देवी पति की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाई और उन्होंने भी दम तोड़ दिया। बेटे ने मां-बाप के शव को गांव के बाहर दफना कर सारे सबूत मिटाने की योजना भी बना ली, लेकिन किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस मौके पर पहुंचती उससे पहले धुरी मौके से भाग निकला। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और हत्या के आरोप में बेटे की तलाश तेज कर दी है।
पूरा जीवन झाड़-फूंक और ओझा का काम करनेवाले रामदेव मांझी का बेटा धुरी पटना में मजदूरी करता है। उसकी प|ी कुछ दिनों से बीमार थी। उसे शक था कि पिता ने जादू-टोने से उसकी प|ी को बीमार कर दिया है। सोमवार देर शाम धुरी शराब के नशे में घर लौटा। उस समय घर में प|ी को कराहता देखकर आग बबूला हो गया। उस समय रामदेव मांझी गांव के सामुदायिक भवन में सो रहे थे। धुरी ने सोए पिता पर लाठी बरसानी शुरू कर दीा। घसीटते हुए घर तक ले आया। इसके बाद सिलवट से सिर पर कई वार किया। मौके पर ही रामदेव की मौत हो गई।
वजह जादू-टोना
सिटी एसपी पूर्वी सुधीर पुरिक ने बताया की धुरी मांझी की तलाश में पुलिस जुट गई है उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जादू -टोना कर प|ी को बीमार करने का आरोप लगा कर धुरी ने पिता को मार डाला, ऐसा ग्रामीणों से पता चला है। पुलिस इसकी जांच कर रही है।
पहले भी हुआ था झगड़ा
पुलिस के अनुसार रामदेव मांझी और बेटे धुरी मांझी के बीच पहले भी झगड़ा हुआ था। जादू-टोना पर यकीन होने के कारण धुरी को लगता था कि प|ी को उसके पिता ने ही बीमार कर दिया है। मुकनी देवी किसी तरह बीच-बचाव कर बाप-बेटे में सुलह करा देती थी।