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शिकायत मिली, तो सस्पेंड होंगे कर्मचारी : डॉ. निगम
हाईकोर्ट ने कहा- पीएमसीएच में शाम को भी राउंड दें सीनियर डॉक्टर, फिर जाए किसी बच्चे की जान
हाईकोर्टके न्यायाधीश और लीगल कमेटी के चेयरमैन वीएन सिन्हा ने पीएमसीएच के शिशु विभाग में पैसे के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं देने की घटना पर प्राचार्य डॉ. एसएन सिन्हा को आदेश दिया है कि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। इससे सरकार, राज्य, डॉक्टर और अस्पताल की बदनामी होती है। ऐसा उपाय कीजिए की इस तरह की घटना भविष्य में नहीं हो। सुधार के लिए क्या कदम उठाए गए या क्या व्यवस्था की, इसकी जानकारी दीजिए। न्यायाधीश सिन्हा ने इस घटना की जानकारी लेने के लिए सोमवार को पटना मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. एसएन सिन्हा को बुलाया था।
न्यायाधीश सिन्हा ने कहा कि इस में जितने भी दोषी हों, सब पर कार्रवाई होनी चाहिए। प्राचार्य को आदेश दिया कि शाम को भी सीनियर डॉक्टर राउंड दें, इसकी व्यवस्था कीजिए। इसे लागू करने में दिक्कत हो रही हो तो विस्तृत जानकारी दीजिए। हम लागू कराएंगे। प्राचार्य ने बताया कि शाम को सीनियर डॉक्टर राउंड दें, यह विभाग का भी आदेश है। उन्होंने कहा कि सुबह में डॉक्टर राउंड देकर चले जाते हैं और फिर अगले दिन सुबह में आते हैं। इस दौरान मरीज को कोई परेशानी होगी तो कौन देखेगा। इसलिए हर हाल में शाम को सीनियर डॉक्टरों को राउंड देना अनिवार्य कीजिए और उसकी रिपोर्ट दीजिए। सीनियर डॉक्टर पूरी यूनिट के साथ राउंड दें।
न्यायाधीश ने एसटी, एससी और बच्चों का क्या अधिकार है, की जानकारी प्राचार्य से मांगी। उनका अधिकार मिल रहा है कि नहीं उसका रिपोर्ट दीजिए। अस्पताल प्रशासन ने अपनी जांच में सिर्फ चतुर्थ श्रेणी को दोषी बताया है, जबकि स्वास्थ्य विभाग के निदेशक प्रमुख की जांच टीम ने घटना की रोज ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और नर्स को भी इस घटना को जिम्मेवार बताया गया। हालांकि इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। मालूम हो कि बुधवार की रात आलमगंज के सेप्टीसिमिया से पीड़ित साढ़े सात साल के रोशन कुमार की मौत हो गई थी। इसके बाद उसके परिजनों ने आरोप लगाया था कि ऑक्सीजन सिलेंडर बदलने के लिए वार्ड अटेंडेंट पैसे की मांग कर रहा था। पैसे नहीं देने पर सिलेंडर नहीं बदला और रोशन की मौत हो गई।
मानवाधिकारआयोग में जाएगा मामला
रौशनकी मौत का मामला मानवाधिकार आयोग में उठेगा। जागरूक समाज संगठन मामले को मानवाधिकार