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अनिल शर्मा को रात में पीएमसीएच कैदी वार्ड से बेउर जेल भेजा गया
अामद वार्ड में एक कंबल पर कटी रात
पीएमसीएचके कैदी वार्ड में मस्ती का सबूत मिलने के दूसरे दिन सोमवार रात पौने 10 बजे पुलिस ने सरगना अनिल शर्मा को बेउर जेल पहुंचा दिया। अस्पताल से सरगना को जेल स्थानांतरण की प्रक्रिया को गोपनीय तरीके के पूरा किया गया। रात करीब सवा नौ बजे पुलिस पीएमसीएच पहुंची और अनिल शर्मा को तगड़े सुरक्षा घेरे में लेकर निकल गई। इसके बाद भी देर रात तक पटना पुलिस के अफसर इस मामले से अनभिज्ञता जताते रहे हालांकि वैशाली के एसपी सुरेश चौधरी ने अनिल शर्मा को बेउर जेल भेजे जाने की पुष्टि की है।
इसके पहले वह हाजीपुर जेल में बंद था। पिछले वर्ष हाजीपुर जेल में कैदियों के दो गुटों को बीच हुई खूनी भिड़ंत के बाद 24 अक्टूबर 2013 को अनिल शर्मा को इलाज के लिए पीएमसीएच में भर्ती कराया गया था। शनिवार की देर रात कैदी वार्ड में पटना पुलिस की विशेष टीम की छापेमारी में उसके कमरे के शराब की बोतलों दो बाहरी लोगों के अलावा एक महिला भी मिली थी। महिला को पुलिस ने सरगना की भगिनी बताते हुए छोड़ दिया था।
वर्ष 1992 में रांची जेल में कैदी भोमा सिंह के हत्या के मामले में अनिल उम्र कैद की सजा काट रहा है। पिछले वर्ष हाजीपुर जेल में हुई कैदी राम बालक राय की हत्या के मामले में अनिल उसके समर्थक आरोपी हैं।
कैदी वार्ड से पटना पुलिस का दस्ता हटाया गया
इधरएसएसपी मनु महाराज ने बताया कि पीएमसीएच के कैदी वार्ड में तैनात जिला पुलिस के दस्ते को हटाकर नई पुलिस टीम को तैनात किया गया है। महिला बाहरी लोगों के साथ कैदी सरगना तक शराब पहुंचने के मामले में वहां तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका पर संगीन सवाल उठने के बाद यह कार्रवाई की गई है। कैदी की सुरक्षा की जिम्मेवारी वैशाली पुलिस के दस्ते पर थी पर कैदी वार्ड की हिफाजत का दारोमदार पटना पुलिस की टीम पर ही था। हाजीपुर पुलिस के दस्ते को रविवार को एसपी ने सस्पेंड कर दिया था।
सूत्रों के मुताबिक बेउर जेल के गेट पर अनिल शर्मा की सघन तलाशी की गई हालांकि इस दौरान कोई आपत्तिजनक सामान नहीं मिला। रात में उसे आमद वार्ड में रखा गया और सोने के लिए एक कंबल दिया गया। देर रात होने के कारण मंगलवार को उसे दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा। 50 के अधिक आपराधिक मामलों में आरोपी अनिल अनिल शर्मा दो दशक से अधिक समय से जेल में बंद है। बीमार होनेे के कारण पीएमसीएच में इ