- Hindi News
- मुखिया की हत्या के पीछे ऑर्गेनाइज्ड गैंग!
मुखिया की हत्या के पीछे ऑर्गेनाइज्ड गैंग!
रणवीरसेना के प्रमुख रहे ब्रह्मेश्वर मुखिया को किसी गैंग ने गोली मारी थी! संभव है गैंग को सुपारी दी गई हो। हत्याकांड की तफ्तीश में जुटी सीबीआई का शक इस ओर गहरा होता जा रहा है। मुखिया की हत्या हुए दो साल से अधिक का वक्त बीत चुका है। सीबीआई करीब साल भर से मामले की जांच कर रही है। दरअसल मुखिया की हत्या के समय को लेकर सीबीआई इस एंगल पर भी अपनी तफ्तीश कर रही है। मुखिया की हत्या सुबह करीब चार-साढ़े चार बजे हुई थी। उस वक्त वे आरा के कतिरा स्थित अपने आवास के बाहर टहल रहे थे। वर्ष 2012 में 1 जून को मुखिया की हत्या की गई थी। उन्हें 6 गोलियां मारी गई थीं।
आसाननहीं है सीबीआई की राह
जानकारोंकी मानें तो सीबीआई के लिए मुखिया हत्याकांड की गुत्थी को सुलझा पाना टफ टास्क है। तकनीकी दृष्टिकोण से भी इसमें पेच है। इसके पीछे का तर्क यह दिया जा रहा है कि मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) और दूसरे टेक्निकल डाटा को करीब एक साल तक संरक्षित करके रखा जा सकता है। सीबीआई के पहले मामले की जांच एसआईटी और फिर भोजपुर पुलिस कर रही थी। सीडीआर के आधार पर एसआईटी ने कुछ संदिग्धों को गिरफ्तार भी किया था, लेकिन पुलिस ठोस नतीजे तक पहुंच नहीं पाई। करीब साल भर बाद मुखिया समर्थकों की मांग पर मामला सीबीआई को सौंपा गया। अब सबकी नजर सीबीआई की तफ्तीश पर टिकी है।