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कैदी वार्ड में तैनात चारों पुलिसवाले जाएंगे जेल
पीएमसीएच,हथुआ वार्ड से बुधवार सुबह कैदी अरविंद महतो के फरार होने के बाद हवलदार उदय, सचिदानंद सिपाही राकेश और प्रमोद मिश्रा की भूमिका की जांच करने डीएसपी बीके दास पहुंचे। उन्होंने जांच में प्रथमदृष्टया चारों की लापरवाही पायी है। जांच रिपोर्ट एसएसपी को सौंपी जा चुकी है। अब किसी भी समय चारों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा सकता है। डीएसपी ने जांच के दौरान पाया कि हथुआ वार्ड में शराब की बोतल और नाश्ता मौजूद था। आशंका है कि कैदी के साथ बैठकर चारों ने शराब पी। इसके बाद मौका देखकर वह भाग निकला या फिर उसे भगाया गया। चारों आरोपी पुलिसवालों ने डीएसपी को बताया कि अपराधी हथकड़ी के साथ भागा, जबकि उसकी हथकड़ी दवा रखने की रैक से मिली है। पीरबहोर थाने में दर्ज एफआईआर में चारों पुलिसवालों पर मिलीभगत कर कैदी भगाने अपराधियों से साठगांठ का आरोप लगाया गया है।
चारों पुलिसवालों ने अरविंद के फरार होने की बात 16 घंटे तक छिपाए रखी। डीएसपी की जांच रिपोर्ट में भी है कि चारों ने ना केवल अपनी कर्तव्य में लापरवाही बरती, बल्कि अपराधी के फरार होने की बात जानबूझ कर छिपाये रखी।
मुश्किल से पकड़ में आया था अरविंद
पंडारकमें ट्रिपल मर्डर केस के आरोपी अरविंद महतो उर्फ भगत को पुलिस ने काफी मुश्किल से पकड़ा था। इसके बाद से वह बाढ़ जेल में बंद था। तबीयत खराब होने के कारण 22 सितंबर को उसे बाढ़ जेल से पीएमसीएच शिफ्ट किया गया था। जहां दो दिन गुजारने के बाद 24 सितंबर की सुबह वह फरार हो गया।
पीएमसीएच में जांच करने गए डीएसपी बीके दास वार्ड देख कर दंग रह गए। उन्होंने इसे अय्याशगाह की संज्ञा देते हुए कहा कि अंदर मिनरल वाटर की बोतल के ढेर पड़े थे। शराब, नाश्ता सबकुछ पड़ा मिला। वहीं, कैदी के भागने की सूचना थाने में 16 घंटे विलंब से देने के बाद डीएसपी की पूछताछ में भी उनकी भूमिका संदिग्ध लगी है। चारों ने बताया कि अपराधी शौच के बहाने उनकी गिरफ्त से भागा, लेकिन शौच के लिए जाते समय सिपाही क्यों साथ नहीं गया। इसका जवाब चारों नहीं दे पाए। चारों ने यह भी कहा कि हथकड़ी लगी थी, लेकिन डीएसपी ने हथकड़ी दवा रखने वाले रैक से बरामद की।
महज पांच दिन पहले पीएमसीएच के कैदी वार्ड में कुख्यात अपराधी अनिल शर्मा को अय्याशी करते मनु महाराज ने खुद छापेमारी कर पकड़ा था। इस मामले में अनिल पर निगरानी रखने के लिए पीएमसीएच में ड्यूटी दे