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पार्षदों का जवाब ठीक नहीं रहा तो निगम भंग होगा
मेयर को जानकारी नहीं, इधर हो रही बहाली
पटना |नगर निगममें सफाई पर्यवेक्षक समेत सात विभिन्न पदों पर दो सौ कर्मियों को बहाल करने के लिए साक्षात्कार चल रहा है। पहले दिन सोमवार को निगम मुख्यालय में साक्षात्कार भी हुआ। निगम द्वारा बिना मेयर, सशक्त स्थायी समिति और निगम बोर्ड को बताए यह बहाली हो रही है। बहाली की प्रक्रिया पर मेयर अफजल इमाम ने आपत्ति जतायी है। मंगलवार को नगर आयुक्त कुलदीप नारायण को पत्र लिख कर मेयर ने कहा है कि पटना नगर निगम एक स्वायत संस्था है और इस संस्था में भारी संख्या में सफाई पर्यवेक्षकों, अभियंताओं एवं लेखा सहायकों आदि का चयन किसी निजी संस्था द्वारा किया जा रहा है। सशक्त स्थायी समिति एवं निगम बोर्ड को इसकी जानकारी नहीं है, यह आश्चर्यजनक है। इन सब पर व्यय होने वाली राशि कहां से खर्च की जाएगी और इन सब पर बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 क्या कहता है। सभी जानकारी से अविलंब अवगत कराया, जिससे सशक्त स्थायी समिति एवं निगम बोर्ड में चर्चा के लिए रखा जा सके। वहीं बहाली के लिए 11 दिसंबर तक साक्षात्कार चलेगा।
{सालिड बेस्ट मैनेजमेंट का पैसा क्यों नहीं खर्च किया गया? {नालों पर अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान क्यों नहीं चला?
{ डेंगू से बचाव के लिए क्या प्रयास किए गए, राजधानी में फागिंग क्यों नहीं करायी गई?
{ विभिन्न मदों में विकास के लिए दी गई राशि का उपयोग क्यों नहीं हुआ?
{ अवैध रूप से बन रहे भवनों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
{वहीं दूसरी ओर निगम के पूर्व उप महापौर विनय कुमार पप्पू ने विभाग की इस कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या का प्रयास करार दिया है और कहा है कि पार्षद हर हाल में इसका विरोध करेंगे।