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ललन सिंह ने कहा- कभी सच भी बोल लिया कीजिए मोदीजी

7 वर्ष पहले
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पथनिर्माण मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने दीघा एप्रोच रोड मसले पर पूर्व उपमुख्यमंत्री से कहा कि कभी-कभी सच भी बोल लिया कीजिए मोदीजी। पूछा- सतही जानकारी से ऊपर कब उठेंगे। उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव के नाम केंद्र सरकार के योजना आयोग के सचिव सिन्धुश्री खुल्लर का बीते 27 अक्टूबर को लिखे पत्र का हवाला देते हुए बताया कि उसमें दीघा एप्रोच रोड का निर्माण राज्य सरकार से करने का आग्रह किया गया है। तर्क यह दिया गया है कि एनएचएआई की एजेंसी के काम छोड़ देने से निर्माण बाधित है। जबकि, इसके उलट केंद्र सरकार की तरफ से सुशील मोदी ने हमपर गलतबयानी का आरोप लगाते हुए कहा है कि ललन सिंह को मालूम नहीं कि उनके विभाग में क्या हो रहा है।

नंदकिशोरसे पूछा- चुप क्याें हैं : उनकाकहना था कि राज्य सरकार और एनएचएआई के बीच सहमति बन चुकी है। एनएचएआई ही दीघा-सोनपुर पुल की दोनों ओर के अस्थायी एप्रोच रोड का निर्माण कराएगी। ऐसे में केंद्र सरकार के इस पत्र की जानकारी होने के बाद तो उन्हें दीवाल पर माथा ही पटकना पड़ेगा। उन्होंने पूर्व पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव से पूछा कि वे चुप क्यों हैं? मोदीजी को सड़क-पुल मसले पर सही सलाह क्यों नहीं दे रहे।

पटना| पथनिर्माण मंत्री ने कहा कि देवेंद्र फडनवीस के महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनने से केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का फ्यूज उड़ गया है। वे अब भी हमें एमपी मान रहे हैं। उन्होंने नेशनल हाइवे पर राज्य सरकार के खर्च 970 करोड़ रुपए देने से इंकार करने से संबंधित एक पत्र लिखा है। उसमें हमें लोकसभा का सदस्य बताते हुए कहा कि चूंकि केंद्र सरकार की बिना अनुमति के नेशनल हाइवे पर राज्य सरकार ने पैसे खर्च किए, इसलिए राशि की प्रतिपूर्ति संभव नहीं है। हकीकत यह है कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय गडकरी को सही स्थिति से अवगत ही नहीं करा रहा। ऐसे में हमने इस संबंध में सही जानकारी देने के लिए केंद्रीय मंत्री को सोमवार को फिर पत्र लिखा है। उसमें तत्कालीन केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग सचिव विजय सिंह का बिहार के मुख्य सचिव को लिखे पत्र का हवाला देते हुए बताया गया है कि केंद्र की स्वीकृति के बाद ही वह 970 करोड़ रुपए राज्य सरकार ने खर्च किए थे। तब राज्य में नेशनल हाइवे की स्थिति काफी खराब थी। ऐसे में केंद्रीय सचिव ने स्वीकृति देने के साथ