सर्वाधिक शिकायत पुलिस विभाग की
पटना|राज्य मानवाधिकारआयोग की सक्रियता काफी बढ़ गई है। आयोग अखबारों में छपी खबरों के आधार पर भी स्वतः संज्ञान ले रहा है। पांच वर्षों में सर्वाधिक मामले पुलिस विभाग से संबंधित सामने आए हैं।
आयोग के अध्यक्ष बिलाल नजकी ने बताया कि समस्तीपुर की एक ऐसी घटना सामने आई, जिसमें परिवादी को यह पता नहीं था कि वह राज्य सरकार के किस योजना के तहत मुआवजे की मांग करे। आयोग के सदस्य नीलमणि ने बताया कि आयोग की पहल से राज्य सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए अस्पताल में उचित व्यवस्था की है। हालांकि, कुछ परिवादियों का यह भी कहना है कि आयोग सामान्य कोर्ट की तर्ज पर ही तारीख दर तारीख देती है।
(नोट:- 2014 के आंकड़े 15 अगस्त तक के)
आयोग में परिवाद और उसका निष्पादन
वर्ष2010 2011 2012 2013 2014
नए परिवाद 3701 3831 4345 4782 3198
निष्पादन 1246 620 2954 3452 2543
आयोगके समाने आने वाले वाद
वर्ष2010 2011 2012 2013 2014
पुलिस 1137 1394 1645 1922 1188
सर्विस मैटर 561 591 686 799 530
माफिया 215 366 554 698 344
महिला 230 246 240 261 178
जेल 311 203 207 158 138