मधुबनी कांड में पुलिस को क्लीन चिट
मधुबनीगोलीकांड जांच आयोग ने पुलिस और प्रशासन को क्लीन चिट दे दी है। मंगलवार को आयोग की रिपोर्ट पर एक्शन टेकेन रिपोर्ट को कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी। रिपोर्ट में हिंसा के दौरान मधुबनी के तत्कालीन एसपी और एसडीओ के धैर्य की तारीफ की गई है। इसमें प्रशांत झा के परिजनों पर सच छुपाने की बात सामने आई है।
कैबिनेट विभाग के प्रधान सचिव बी. प्रधान ने बताया कि वर्ष 2012 में 12 अक्टूबर को प्रशांत कुमार झा नामक लड़के की गुमशुदगी को लेकर हुई हिंसात्मक घटनाओं की पृष्टभूमि, घटनाक्रम, घटना की प्रत्यक्ष-परोक्ष परिस्थितियों और पुलिस द्वारा गोली चलाने के औचित्य की जांच और दोष निर्धारित करने के लिए न्यायिक जांच के लिए आयोग का गठन किया गया।
आयोग ने साफ तौर पर माना कि प्रशांत झा के परिजन पहले से जानते थे कि शव उसका नहीं है। शव निशांत झा का था, जो पुलिस की गोली से मारा गया था। हालांकि, प्रशासन ने निशांत की दादी को शव देकर गलती की। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस ने गोली चलाकर कोई गलती नहीं की।
आईजीआईएमएसमें कैंसर संस्थान के निर्माण के लिए एमओयू : इन्दिरागांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और आईजीआईएमएस के बीच मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) हस्ताक्षर होगा। मंगलवार को कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। कैंसर इंस्टीट्यूट की स्थापना पर 120 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। लागत की 75 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और 25 प्रतिशत राशि राज्य सरकार लगाएगी।
{केसरिया पीएचसी के तत्कालीन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रकाश तिवारी बर्खास्त {बिहटा के तत्कालीन बीडीओ विनोद कुमार बर्खास्त {राज्य में 40 पशु चिकित्सालय के लिए 23 करोड़ 37 लाख रुपए {गन्ना क्षेत्र में उद्योगों को प्रतिपूर्ति के लिए 24 करोड़ 17 लाख रुपए {महात्मा गांधी रोजगार गारंटी स्कीम में 160.47 करोड़ रुपए {राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में 45 करोड़ रुपए {ग्रामीण प्रतिष्ठान बिरौली को वेतन भुगतान के लिए 1 करोड़ 11 लाख रुपए {डीजी (प्रशिक्षण) गृह आरक्षी के कार्यालय के लिए 29 पदों का सृजन {खादी ग्रामोद्योग बोर्ड को स्थापना मद में 94 लाख रुपए {सबौर कृषि विश्वविद्यालय को वेतन भुगतान के लिए 57.50 करोड़ रुपए