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अमरेंद्र ने मां को फोन किया था- बच्चों को स्कूल से मंगवा लेना, मुझे देर होगी
लोन नहीं चुकाने की वजह से सुर्खियों में आए थे अमरेंद्र
पूर्वप्रधानमंत्री स्व. चंद्रशेखर के करीबी धनराज सिंह के बेटा अमरेंद्र कुमार का एक हाथ और पैर का पंजा कटा हुआ था। चेहरे पर जख्म के गंभीर निशान थे। फुलवारीशरीफ रेलवे ट्रैक पर उनके एक पैर का जूता मिला है, लेकिन मोबाइल बरामद नहीं हुआ। ट्रैक पर खून के धब्बे पाए गए हैं। रेल पुलिस ने हत्या की आशंका से इनकार नहीं किया है। परिजनों द्वारा हत्या की बात कहने पर रेल पुलिस ने इसकी जांच शुरू कर दी है। रेल एसपी ने बताया- रेल डीएसपी मुख्यालय अनंत कुमार राय के नेतृत्व में जांच टीम बना दी गई है। गुरुवार को घटनास्थल पर एफएसएल की टीम जाएगी आैर खून के नमूने इकट्ठा करेगी। मौके से बरामद जूते और उनके कपड़े को जांच के लिए एफएसएल भेजा जाएगा। अमरेंद्र का मोबाइल नहीं मिला है। उनके मोबाइल की सीडीआर को भी खंगाला जाएगा, ताकि पता चल सके कि मौत से पहले किन-किन लोगों ने उनकी बातचीत हुई थी। उनके मोबाइल टावर के लोकेशन से पता लगाया जाएगा कि मंगलवार को दिन के ग्यारह बजे के बाद वे कहां-कहां गए।
घरवालोंने समझा-बाहर गए होंगे :अमरेंद्र कीमां राजमणि ने बताया- मंगलवार को दिन के लगभग ग्यारह बजे घर से निकला था। दो बजे उसका फोन आया था कि तीनों बच्चों को स्कूल से मंगवा लेना। फिर फोन नहीं आया। घर वालों ने समझा कि कारोबार के सिलसिले में कहीं होंगे। रात में भी वे नहीं आए तो शक हुआ। खोजबीन शुरू हुई। फिर यह समझा गया कि हो कहीं बाहर चले गए होंगे। बुधवार को उनकी लाश मिलने का फोन जीआरपी से आया।
इनबिन्दुओं पर पुलिस कर सकती है जांच : परिजनोंद्वारा हत्या की आशंका जताए जाने के बाद जांच टीम इस मामले में उनके परिजनों से पूछताछ करेगी। उनसे जानने की कोशिश की जाएगी कि अगर वे लोग हत्या कह रहे हैं, तो वजह क्या रही होगी। यही नहीं, पुलिस जमशेदपुर में भी अमरेंद्र के बारे में पता लगाएगी। सूत्रों का कहना है कि जल्द ही पुलिस उनकी प|ी, मां, पिता से पूछताछ करेगी।
घर पर पसरा सन्नाटा
लाश मिलने की खबर फौरन उनके पुनाईचक स्थित घर पर पहुंच गई। हंसते-खेलते घर में सन्नाटा पसर गया। प|ी, मां समेत अन्य परिजन दहाड़ मार कर रोने लगे। प|ी और उनके तीनों बच्चे मां को लोग समझाने में लग गए। बड़ी बेटी मुस्कान के चेहरे पर उदासी छा गई। दूसरी बेटी रोशनी इकलौते पुत्र कृष्ण को घरवाले संभाले हु