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तीन रिटायर्ड आईपीएस, एक नेता एक शिक्षाविद् भाजपा में शामिल

7 वर्ष पहले
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पूर्वडीजीपी आशीष रंजन सिन्हा, पूर्व डीजी अशोक कुमार गुप्ता पूर्व आईपीएस हीरा प्रसाद बुधवार को भाजपा में शामिल हो गए। इनके अलावा जदयू नेता बिट्टू सिंह शिक्षाविद अवधेश सिंह ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय सुशील मोदी के समक्ष भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी हुए।

बिट्टू सिंह जदयू के काफी सक्रिय नेता थे। पिछले दिनों उन्होंने पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र खत्म होने का आरोप लगाते हुए जदयू छोड़ने की घोषणा की थी। अवधेश कुमार सिंह ने कई शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना की है। प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय ने कहा कि इनके भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी और मजबूत होगी। उधर, पार्टी में शामिल होने वाले नेताओं ने कहा कि पार्टी जो जिम्मेवारी सौंपेगी, उसे वे ईमानदारी से पूरा करेंगे। कार्यक्रम का संचालन विधायक उषा विद्यार्थी ने किया। मौके पर प्रेमरंजन पटेल, सुधीर शर्मा, विजय सिंह आदि मौजूद थे।

भाजपा के मिलन समारोह में विधायक अरुण सिन्हा, रिटायर्ड डीजीपी आशीष रंजन सिन्हा, बिट्‌टू सिंह, रिटायर्ड डीजी अशोक कुमार गुप्ता, सुशील कुमार मोदी, प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय, रिटायर्ड आईपीएस हीरा प्रसाद अन्य (दाएं से)। भाजपा में शामिल होने वालों में ब्रह्मदेव पटेल, बलराम पटेल, उमेश सिंह, प्रमोद सिंह, जगजीत सिंह, प्रमोद सिंह, सुरेंद्र रजक, रामकेवल सिंह भी थे।

नियम विरुद्ध नहीं रखा गया कोई स्टाफ : जदयू

^सुमोने मांझी पर भांजे को निजी स्टाफ रखने का आरोप लगाया है। आज की तारीख में एक स्टाफ भी नियम के विरुद्ध नहीं रखे गए हैं। सुमो को नियम ढंग से पढ़ना चाहिए था। भांजा परिवार के सदस्य के रूप में नहीं होता है। असल में सुमो को बिहार सरकार के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा नहीं मिल रहा है। इसलिए, वे अनाप-शनाप आरोप लगा रहे हैं। संजयसिंह, प्रदेशप्रवक्ता, जदयू

पटना| पूर्वउपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि राज्य सरकार गलत व्याख्या कर फिर से महत्वपूर्ण पदों पर सगे-संबंधियों को बैठाने की तैयारी में है। इसके पीछे असली मकसद सरकारी अधिकारियों के प्रभावित करना और आर्थिक दोहन करना है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने अपने दामाद को अपना निजी सहायक बना लिया था और हंगामा होने पर उसे हटा दिया। इस बीच मंत्रिमंडल सचिवालय ने सगे-संबंधी की नई परिभाषा गढ़ दी है। राज्