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धान खरीद नहीं हुई, तो अधिकारियों पर कार्रवाई
धानखरीद नहीं हुई, तो अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। पैक्स एसएफसी में धान खरीद भुगतान संबंधी किसी प्रकार का विवाद निबटारे मॉनीटरिंग के लिए उड़नदस्ता बनायी जाएगी। इसमें सहकारिता खाद्य उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। आरटीजीएस के माध्यम से पैक्स भी किसानों को सीधे भुगतान कर सकेगा। बुधवार को खाद्य उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री श्याम रजक ने अधिकारियों को हिदायत दी कि किसानों को धान की कीमत का भुगतान 48 घंटे में दिलाएं। निर्धारित समय सीमा में राशि भुगतान नहीं होने पर पैक्स संबंधित अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि धान में 17 प्रतिशत से कम नमी होने के बावजूद खरीद नहीं होने की शिकायत पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। बैठक में एसएफसी के जिला प्रबंधकों ने बताया कि सभी चिह्नित जगहों पर धान क्रय केंद्र खोल दिए गए हैं।
धान खरीद की समीक्षा बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्याम रजक।
विभागीय सचिव हुकुम सिंह मीणा ने जिला आपूर्ति पदाधिकारियों को समय पर लाभुकों को अनाज वितरण कराने का निर्देश दिया। साथ ही जिला प्रबंधकों से कहा कि धान खरीद के साथ ही किसानों को समय पर राशि भुगतान सुनिश्चित कराएं। मंत्री ने बताया कि सरकार के नए निर्णय से एससी-एसटी के 27 लाख और लोगों को खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ मिलेगा। जिला आपूर्ति पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि चयनित व्यक्ति को जल्द से जल्द सस्ती दर पर अनाज उपलब्ध करा दें। अनाज उठाव वितरण समीक्षा में पाया गया कि दिसंबर माह का 60 प्रतिशत अनाज उठाव कर लिया गया है। औरंगाबाद, अरवल, बांका, बेगूसराय खगडिय़ा में अनाज वितरण संतोषजनक नहीं पाया गया। इन जिलों के अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि 31 दिसंबर तक अनाज वितरण पूरा कराएं। यह भी पाया गया कि अररिया, अरवल, औरंगाबाद, बांका, भागलपुर, भोजपुर, सारण, पूर्वी पश्चिमी चंपारण में अनाज की राशि जमा नहीं करने वाले पीडीएस दुकानदारों पर कार्रवाई का निर्देश दिया। बांका में एफसीआई का गोदाम नहीं होने के कारण अनाज झारखंड के जसीडीह से उठाव करना पड़ता है। बैठक में एसएफसी के एमडी अरविंद कुमार सिंह, एफसीआई के महाप्रबंधक अमरीश सहित सभी जिला आपूर्ति पदाधिकारी जिला आपूर्ति पदाधिकारी मौजूद थे।