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वीव्स के फेस्ट में देश के कोने-कोने का कलेक्शन

7 वर्ष पहले
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वर्तमानसमयमें कपड़ों का बेहतर कलेक्शन कौन नहीं रखना चाहता। इसी के कारण देश में एक के बाद एक कई बेहतरीन ब्रांड अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुका है, लेकिन अपने आसपास का हैंडलूम का बाजार भी किसी से पीछे नहीं है।

भारत के हर राज्य में ड्रेस की अपनी अलग महत्ता है। इसी के मद्देनजर इनकम टैक्स चौराहे पर देश की जाने-मानी हैंडलूम संस्था वीव्स ने कई स्टॉल लगाए हैं। 10 से 14 दिसंबर तक चलने वाले इस फेस्ट में हर राज्य के ड्रेस की प्रदर्शनी लगी है और बिक्री भी जारी है। यहां देश के 15 राज्यों के स्टॉल लगाए गए हैं। सिल्क, कॉटन और डिजाइनर साड़ियों की कई बेहतरीन वेरायटी मिल रही है। प्रदर्शनी प्रत्येक दिन सुबह 11 से शाम आठ बजे तक चलेगी।

हाथसे बुने कपड़े विशेष आकर्षण

वीव्समें परंपरागत ड्रेसों की अच्छी कलेक्शन उपलब्ध है। हाथ से बुने कॉटन के कपड़े प्रदर्शनी के विशेष आकर्षण हैं। साथ ही यहां हर उम्र के लोगों का खास ध्यान रखा गया है। बच्चे और महिलाओं की खरीदारी के लिए अधिक हैंडलूम का कलेक्शन रखा गया है।

येकलेक्शन खरीदे जा सकते हैं

बिहार,असम, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के तुषार, कांता, कोसा सिल्क, इरी, मूगा, ट्राइबल कपड़े, बोमकाई, संबलपुर आदि। आंध्र प्रदेश से धर्मावरम, वेंकटागिरी, उप्पड़ा, कमलकारी, मंगलगिरी। गुजरात से बंधनी, कच्छ कढ़ाई की हुई ड्रेस साड़ियां। मध्यप्रदेश से चंदेरी, महेश्वरी। राजस्थान से कोटा, बांधेज, ब्लॉक प्रिंट, संगानेरी और प्रिंट। तेलंगाना से पोचमपल्ली, गड़वाल, नारायणपेट, कोथाकोटा। तमिलनाडु से कोयम्बटूर एवं कांजीवरम सिल्क और कॉटन। उत्तर प्रदेश से लखनवी चिकन, जामदानी, जमावर और बनारस के कपड़े। पश्चिम बंगाल से बलूचरी, कांता, तानगेल के बेहतरीन कलेक्शन खरीदे जा सकते हैं।

तारामंडल में लगी हैंडलूम प्रदर्शनी में खरीदारी करती महिलाएं।