रंगकर्मी प्रवीण की याद में नुक्कड़ नाटक
युवारंगकर्मीप्रवीण की 12वीं पुण्य तिथि पर उनकी याद में बुधवार को विभिन्न संस्थाओं की ओर से प्रेमचंद रंगशाला में बुधवार को नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया गया। प्रवीण स्मृति संस्थान और निर्माण कला मंच के बैनर तले हुए बड़ी संख्या में शहर के कलाकार जुटे और प्रेमचंद रंगशाला से प्रवीण के सैदपुर स्थित घर तक मार्च निकाला। कलाकार उस जगह भी गए जहां प्रवीण की हत्या हुई थी।
इसके बाद मार्च वापस प्रेमचंद रंगशाला लौटा जहां नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया गया। इस मौके पर वरिष्ठ रंगकर्मी विजेन्द्र टाक, तनवीर अख्तर, डॉ शैलेन्द्र, संजना रहात, मनीष महीवाल, राजेश राजा, धर्मेश मेहता आदि कालाकारों ने प्रवीण की तस्वीर पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी।
अबनशा और नहीं
इसमौके पर शहर के चर्चित रंगकर्मी मनीष माहिवाल ने प्रवीण को श्रद्धांजलि देने के लिए अपनी 25 साल की रंगयात्रा में पहली बार किसी नाटक का निर्देशन किया। उन्होंने अपने नुक्कड़ नाटक अब नशा और नहीं से समाज में नशे से होने वाले नुकसानों को दिखाया। इसमें दिखाया गया कि शराब, गुटका, गांजा, चरस, सिगरेट जैसे नशीले पदार्थों से जहां हम एक ओर अपनी सेहत को नुकसान पहुंचाते वहीं दूसरी ओर यह नशा नशेड़ी के घर परिवार को भी बर्बाद करता है।
नाटक कहता है कि नश की लत का शिकार मजबूत इच्छाशक्ति से इसे छोड़ सकता है। इसमें कलाकार थे उदय सागर, दीपक आनंद, सिद्धांत सिंह, रजनीश सिंह, सूर्यकांत, निरंजन कुमार, सुजीत कुमार और उमा।
इसके साथ ही विश्वा नाट्य संस्था की अोर से संजना कुमारी निर्देशित हवालात, आशा नाट्य संस्था छपरा की ओर से ओका बोका, पटना इप्टा की ओर से चुप्पी आदि नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया गया।
प्रेमचंद रंगशाला में प्रवीण स्मृति नुक्कड़ नाटक के तहत अब नशा और नहीं प्रस्तुत किया गया।