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पीएमसीएच में दलालों से सावधान

7 वर्ष पहले
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बिहारके सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीएमसीएच में दलाल सक्रिय हैं। ये मरीजों को झांसा देते हैं और निजी अस्पतालों में ले जाते हैं। वहां इन्हें कमीशन मिलता है। जैसा मरीज, वैसा कमीशन। मसरक के चैनपुर मगरा से रामअवतार महतो को उनका बेटा और भतीजा गुरुवार को लेकर पीएमसीएच पहुंचे। यहां आते ही दलाल पीछे लग गए। रामअवतार के बेटा साहेब महतो और भतीजा राजेंद्र महतो को दलालों ने कह दिया- एक बज गया है।

डॉक्टर साहब भी नहीं है। चलिए, आपका इलाज बाहर करा देते हैं। वहीं डॉक्टर साहब मिलेंगे। दलाल के झांसे में ये लोग गए। दलाल इन लोगों को प्राइवेट अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां पैसे देने की मांग हुई, तो उन्होंने कहा कि डॉक्टर साहब आज बुलाए थे। सिर्फ मरीज को डॉक्टर साहब से दिखाना है। पैसा किस चीज का। पर, दलालों ने कहा कि पहले फीस देनी होगी। इसके बाद जो खर्च आएगा, वह सब देना होगा। इनलोगों ने पैसे देने से इनकार कर दिया। पैसे नहीं देने पर बात नहीं बनी। फिर ये लोग दोबारा पीएमसीएच पहुंचे। इन्हें बताया गया कि मंगलवार को आइए। डॉक्टर साहब मिल जाएंगे।

पीएमसीएच में ही चल रहा था इलाज

राजेंद्रमहतो ने बताया कि राम अवतार का दोनों पैर ट्रक ने कुचल दिया था। उनका पहले से ही पीएमसीएच में इलाज चल रहा था। यहां से छुट्टी मिल गई थी। फिर दिखाने के लिए बुलाया गया था। उसी क्रम में वे आए थे। राजेंद्र महतो का आरोप था कि अस्पताल पहुंचते ही दलाल लग गए थे। उन्हीं लोगों ने कहा कि जो डॉक्टर यहां देखे थे, वही डॉक्टर वहां मिलेंगे। इसलिए हमलोग उनके साथ चले गए। वहां पहुंचने पर सच पता चला। पैसे की मांग करने पर वे लौट आए। यदि पहले ही बता देते, तो जाते ही नहीं। हमलोग इतना दूर से आए थे। समझे चलो इलाज हो जाएगा।

^मरीज के परिजन को बाहर जाना ही नहीं चाहिए था। हर जगह लिखा हुआ है कि इस तरह की कोई बात हो, तो तुरंत सूचित करें। शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। अस्पताल में पुलिस रहती है। पुलिस को इसकी जानकारी दी जाती है। जबतक शिकायत नहीं मिलेगी, कैसे किसी पर कार्रवाई की जा सकती है। गुरुवार को भी इस तरह की किसी ने कोई शिकायत नहीं की है। -डॉ.सुधांशु सिंह, उपाधीक्षक,पीएमसीएच

पीएमसीएच में गुरुवार को मसरक से आए मरीज के परिजनों को दलालों ने फंसा लिया। मरीज को निजी क्लिनिक में ले गए।