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अवैध निर्माण बचाने के लिए निगम भंग कर रही सरकार

7 वर्ष पहले
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पूर्वउपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि सत्ताधारी दल से जुड़े बिल्डरों के अवैध निर्माण को बचाने के लिए राज्य सरकार पटना नगर निगम को भंग करना चाहती है, ताकि इसी बहाने निगम आयुक्त को उनके पद से हटाया जा सके। पटना नगर निगम के आयुक्त की कार्रवाई से अवैध निर्माण करने वाले बिल्डर खौफजदा हैं। अगर बिल्डरों के दबाव में निगम को भंग किया गया, तो सरकार को इसके गंभीर राजनीतिक परिणाम भुगतने पड़ेंगे।

सुमो ने कहा कि पटना नगर निगम के माध्यम से होने वाले अधिकतर काम राज्य सरकार खुद करा रही थी। पटना में 400 करोड़ की जलापूर्ति योजना तीन वर्षों में भी पूरी नहीं हो पाई। मुख्यमंत्री नगर विकास योजना और मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना में आवंटित रकम दो वर्षों में खर्च नहीं हो सकी है। डोर-टू-डोर कचरा संग्रह करने वाली ए-टू-जेड कंपनी भुगतान नहीं होने से काम छोड़ कर भाग गई।

प्रेमकुमार बोले- लोकतंत्र में अपनी भूमिका जानती है भाजपा : इधर,पूर्व मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र में अपनी भूमिका को अच्छी तरह जानती है। फिलहाल, भाजपा बिहार में विपक्ष की भूमिका को सफलतापूर्वक निभा रही है। इसलिए, मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी का यह कहना गलत है कि भाजपा को विकास नहीं, सत्ता चाहिए।

पटना| रालोसपाके प्रदेश अध्यक्ष सांसद डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि राज्य सरकार अपनी नाकामी छिपाने और जनप्रतिनिधियों को अपमानित करने के लिए पटना नगर निगम को भंग कर रही है। नगर विकास विभाग की इस कवायद से पटना के नागरिकों की समस्या काफी बढ़ गई है। लोग मेयर निगम अयुक्त के विवाद में पहले भी नारकीय जीवन जीने को विवश थे। मुख्यमंत्री को हस्तक्षेप कर पूरे प्रकरण की जांच विधानसभा विधान परिषद की संयुक्त कमेटी से कराई जाए।