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बीएमपी से भरे जाएंगे एसडीआरएफ के खाली पद

7 वर्ष पहले
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प्रतिनियुक्ति के ये होंगे फायदे

राज्यआपदा रिस्पांस फोर्स (एसडीआरएफ) के रिक्त पदों को सरकार ने बिहार मिलिट्री पुलिस (बीएमपी) से भरने का निर्णय लिया है। एसडीआरएफ में बटालियन के कुल 18 रैंक के 1157 पद सृजित हैं। इसके लिए सुयोग्य श्रेणी के कर्मियों के उपलब्ध नहीं होने के कारण 50 प्रतिशत से अधिक पद खाली चले रहे हैं। इसे देखते हुए बीएमपी में 930 सैडो (छाया पद) पदों का सृजन किया जा रहा है।

बैठकमें लिया गया निर्णय

इनमेंइंस्पेक्टर के 30, सब इंस्पेक्टर के 75, सब इंस्पेक्टर(संचार) रेडियो ऑपरेटर के 18, एएसआई (आशु लिपिक) के 5, हेड कांस्टेबल (ग्राउंड ड्यूटी, रेडियो ऑपरेटर) के 191, हेड कांस्टेबल (चालक) के 86 और कांस्टेबल के 525 पद हैं। बीएमपी के विभिन्न बटालियनों में इन पदों के सृजन किया गया है। एसडीआरएफ में इनकी प्रतिनियुक्ति पांच-पांच साल के लिए होगी। पिछले दिनों इसे लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक बैठक में निर्णय लिया गया कि एसडीआरएफ में जो-जो पद बीएमपी की संरचना में उपलब्ध हैं, उन पदों को गृह विभाग निर्धारित संख्या में बीएमपी में स्वीकृत करेगा।

{एसडीआरएफ को उपयुक्त उम्र वर्ग के स्वस्थ कर्मी बीएमपी से उपलब्ध होते रहेंगे।

{ऐसे कर्मी प्रशिक्षित अनुशासित होंगे, उन्हें केवल आपदा रिस्पांस की बेसिक ट्रेनिंग देनी होगी।

{एसडीआरएफ में प्रतिनियुक्त बल का विशेष परिस्थिति में त्वरित एवं सरल प्रतिस्थापन संभव होगा।

{प्रतिनियुक्ति की अवधि 5 साल की होगी और इसके बाद उन्हें वापस कर नए कर्मी ले लिए जाएंगे।

{5 वर्ष के बाद बीएमपी में वापस कर्मियों को आपदा प्रबंधन में प्राप्त प्रशिक्षण एवं अनुभव का लाभ उनके पैतृक बल को मिलता रहेगा।

{प्रतिनियुक्त कर्मियों को प्रोन्नति आदि में सेवा संबंधी लाभ पूर्ववत प्राप्त होते रहेंगे, जिससे काम के प्रति उनका मनोबल बना रहेगा।