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6 वर्ष पहले
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मालूमहुआ कि टीईटी-एसटीईटी की वेबसाइट को हैक कर लिया गया, इसलिए सुरक्षा कारणों से वेबसाइट से रिजल्ट को हटा दिया गया है। शिक्षा माफिया जाली टीईटी-एसटीईटी प्रमाणपत्र बेच रहे थे। वेबसाइट से रिजल्ट को हटा देना समस्या का समाधान नहीं है। वेबसाइट से रिजल्ट हटा लेने के बाद अब कोई भी अभ्यर्थी मेरिट लिस्ट में अपने से ऊपर के अभ्यर्थी का रिजल्ट चेक नहीं कर सकता है। इससे हेरा-फेरी को बढ़ावा मिलेगा। मेरिट लिस्ट शक के दायरे में जाएगा। शिक्षा विभाग रिजल्ट को दुबारा वेबसाइट पर डाले।

-खुशबू सिन्हा, ई-मेल स।

गांवों पर ध्यान दें

गांवसिर्फ खेती के लिए होते हैं, ऐसा कहना थोड़ा गलत होगा। किसान देश का पेट भरते हैं, किन्तु बदलते वक्त ने हमें सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हम अपनी आबादी का और बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं ? जी हां, विज्ञान और नीतियों के जरिये यह संभव है। पैदावार बढ़ने से लेकर जानवरों की सेहत तक में सुघार लाया जा सकता है। युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र में काम दिया जा सकता है। पानी का बेहतर इस्तेमाल करने के साथ हम गांवों में अक्षय ऊर्जा को भी बढ़ावा दे सकते हैं।

-आजादआलम, पटना कॉलेज,पटना।

नैतिक मूल्य खत्म हो रहे

बिगड़तासमाजिक परिवेश, अनैतिकता नैतिकता का भेद रहना, बच्चों में अच्छा संस्कार होना, समाज के लिए केवल खतरनाक है, अपितु मानवता विनाशक भी है। कई रिश्ते नैतिकता की कमी और उपभोगवादी प्रवृत्ति के कारण तार-तार हो रहे हैं। आज हमारी शिक्षा पद्धति तथाकथित यौन शिक्षा जागरुकता के नाम पर नौनिहालों के बीच अश्लीलता फैला रहे हैं।

-अभयकुमार सृजन, छपरा।

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