दबंगों का डर, गांव छोड़ भागे 300 महादलित
गयामें दबंगों के आतंक से गुरुवार को तीन सौ महादलितों ने गांव छोड़ दिया। मामला टेकारी थाने के पूरा गांव के मांझी टोले का है। अपना घर-द्वार छोड़ चुके महादलितों को फिलहाल टेकारी ब्लाॅक स्थित महादलित छात्रावास में ठहराया गया है। लेकिन, महादलित किसी भी कीमत पर गांव लौटने को तैयार नहीं हैं। हालांकि डीएम ने कहा कि ग्रामीणों को समझा-कर रोक लिया गया है। अब वे गांव जाने को तैयार हैं।
पलायन करने वालों में महिला, वृद्ध और बच्चे भी शामिल हैं। जैसे ही यह खबर फैली गया से पटना तक हड़कंप मच गया। डीजीपी पी के ठाकुर ने कहा कि ग्रामीणों को पूरी सुरक्षा दी जाएगी। उन्हें गांव में रुकने को कहा जाएगा।
वर्षोंसे कर रहे प्रताड़ित
बतायाजाता है कि पूरा गांव के दबंगों द्वारा मांझी टोले के महादलितों को वर्षों से सताया जा रहा था। लेकिन, हाल के दिनों में तो हद ही हो गई। 20 सितम्बर को दबंग पैक्स अध्यक्ष प्रत्याशी उदय शंकर शर्मा ने साथियों के साथ मिलकर चुनाव में संभावित प्रतिद्वंद्वी वकील मांझी के भाई अर्जुन मांझी की निर्ममतापूर्वक हत्या कर दी और शव को उसके घर पर फेंक दिया। इतना ही नहीं, इस बाबत केस दर्ज कराने वाले महादलित परिवार सहित मांझी टोले के सभी महादलितों को गांव खाली करने का फरमान सुनाया। शेषपेज|10 पर
दबंगों का डर....
अन्यथाजान से मारने की धमकी दी थी।
बिछावन-बर्तन, बकरी-मुर्गी के साथ महादलितों के पलायन की खबर मिलते ही डीएम संजय कुमार अग्रवाल और एसएसपी निशांत कुमार तिवारी ने दो जगहों पंचानपुर के रामेश्वर बाग और सिंहापुर कृषि फाॅर्म के पास पलायन कर रहे लोगों को रोका और सुरक्षित स्थान पर शरण दी।
क्या है मामला
अर्जुन मांझी का भाई वकील मांझी पैक्स अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रहा था। यह बात गांव के दबंग पैक्स अध्यक्ष प्रत्याशी उदय शंकर शर्मा को नहीं पची और उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर पहले तो डरा-धमका कर वकील मांझी को चुनाव से अलग करना चाहा। जब वह नहीं माना, तो इन लोगों ने उसके भाई अर्जुन मांझी को लाठी-डंडे तथा राॅड से पीट-पीट कर मार डाला।
इनके विरुद्ध दर्ज है प्राथमिकी
मृतक के पुत्र नितय मांझी के बयान पर स्थानीय थाने में गांव के रीती शर्मा, गौतम, नरेंद्र शर्मा , नीरज शर्मा , उदय शंकर और सत्येंद्र शर्मा के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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