हाइवे के बगल में अब नहीं बनेगा घर
हाइवेके किनारे अब भवन नहीं बनेंगे। नेशनल स्टेट हाइवे के किनारे होने वाले हादसों को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था नए बिल्डिंग बायलॉज में की गई है। हाइवे के बगल में होटल, मोटल या पेट्रोल पंप आदि के निर्माण के लिए ही अनुमति दी जाएगी। सरकार ने भी माना है कि हाइवे के किनारे आवासीय निर्माण लोगों के हित में नहीं है। दरअसल, सरकार ने तय किया है कि एनएच एसएच को स्पीड-वे के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके आसपास खास व्यवसायिक गतिविधियों को ही चलाने के लिए ही भवन निर्माण की इजाजत दी जाएगी।
नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
अगरसड़क की चौड़ाई का उल्लंघन करते हुए कोई निर्माण कार्य होता है तो भवन मालिक पर कार्रवाई की जाएगी। सड़क की चौड़ाई से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अगर ऐसा कुछ भी किया गया तो बिहार म्यूनिसिपल एक्ट 2007 के तहत अपराध घोषित किया जाएगा। इसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। हर हाल में भवन निर्माता को स्टेट हाइवे एक्ट और नेशनल हाइवे एक्ट का पालन करना होगा।
जारी की जाएगी हाइवे की सूची
जिनहाइवे के किनारे भवन का निर्माण नहीं करना है, उनकी सूची सड़क निर्माण विभाग की ओर से सार्वजनिक की जाएगी। इसके लिए ऑफिस में एक रजिस्टर रहेगा, जहां कोई भी व्यक्ति यह जान सकेगा कि कहां किस सड़क पर कैसी बिल्डिंग बनेगी और कहां निर्माण नहीं हो सकेगा। लोगों की सुविधा के लिए सूची वेबसाइट पर भी डाली जाएगी।