डीबी स्टार पटना
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आर्टगैलरीकी दीवारों पर टंगी यह पेंटिंग्स बहुत कुछ कह रही हैं, हर एक में छिपा है गहरा संदेश। यह खूब बातें कर रही, बस चाहिए उन्हें सुनने वाला। पूरी गैलरी में इनकी खास दुनिया बसी है। जहां लगी पेंटिग्स में दर्शन से लेकर स्त्री विमर्श और पर्यावरण संरक्षण से लेकर अंतरिक्ष विज्ञान तक को देखा जा सकता है।
यह नजारा दिख रहा है बिहार ललित कला अकादमी, फ्रेजर रोड की आर्ट गैलरी में। कला मंगल शृंखला के अंतर्गत मंगलवार को यहां राज्य के 12 युवा कलाकारों की पेंटिगस प्रदर्शनी का उद्घाटन अकादमी के अध्यक्ष आनंदी प्रसाद बादल ने किया। प्रदर्श को 14 दिसंबर तक रोजाना सुबह 11 बजे से लेकर शाम सात बजे तक देखा जा सकता है।
बुद्धदे रहे हैं पर्यावरण संरक्षण का संदेश
प्रदर्शनीमें नरेन्द्र कुमार नेचर की बनाई लिथोग्राफी पेंटिंग में भगवान बुद्ध की आकृति पेड़ों में दिखती है। इसके जरिये कलाकार पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं।
इसके साथ ही यहां राजेश पिकासो, अभिनीत कुमार, नेहा कुमारी, प्रमोद प्रकाश, अनिल कुमार, किशोर कुणाल, नारायण कुमार दास, अभिजीत सिंह, प्रभाकर आलोक और कृपा एस मखीजा की बनाई पेंटिंगस लगी हुई है। उद्घाटन समारोह में मिलन दास, संजय कुमार, मनोज कुमार बच्चन, राजकुमार लाल, अर्चना सिन्हा, विभा लाल मौजूद थे।
नरेंद्र कुमार की पेंटिंग्स देखता युवक।
पेंटिंग के बारे में बतातीं कलाकार वंदना कुमारी।
पेंटिंग्स में उकेरा फैशन के नाम पर होने वाला दिखावा
प्रदर्शनी में युवा कलाकार वंदना कुमारी की बनाई पेंटिंग सबके आकर्षण का केन्द्र है। वंदना ने अपनी पेंटिंग में जहां एक ओर फैशन और ब्यूटी प्रतियोगिताओं के नाम पर स्त्री सौंदर्य के होने वाले दिखावे को उकेरा है, वहीं दूसरी ओर स्त्री के मजबूत पक्ष को भी इसमें दिखाया गया है। इनमें सिर पशु का और धर स्त्री का रख कलाकार ने यह दिखाने की कोशिश कि है कि जो इच्छाएं हम इंसानों में है, वह जानवरों में भी हो सकती है। पेंटिंग में स्त्रियों के सौंदर्य और बुद्धि की जिन पशु, पक्षी, चांद, सितारे आदि से तुलना की जाती है, उनकी छोटी-छोटी आकृतियां भी मौजूद हैं।
हमें कुछ कह रहीं यह पेंटिंग्स, जरा सुन तो लें