पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • कभी चार्जशीट कमजोर, तो कभी पस्त हो जाते हैं गवाह

कभी चार्जशीट कमजोर, तो कभी पस्त हो जाते हैं गवाह

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रिएक्शन टाइम, इंवेस्टिगेशन और स्पीडी ट्रायल। आपराधिक मामले को तार्किक अंत तक पहुंचाने के इन तीन बेसिक फाॅर्मूले में अगर कहीं भी लोचा हो तो अंजाम समझा जा सकता है। बिहार में ऐसे मामलों की कतार लंबी है, जिन्हें तार्कित अंत तक पहुंचाया जाना बाकी है।

अब भ्रष्टाचार के मामलों को ही ले लीजिए। सीबीआई से लेकर विजिलेंस तक के सैंकड़ों ऐसे मामले हैं, जिनमें अभियुक्तों को सजा मिलनी बाकी है। कितना वक्त लगेगा, कहना मुश्किल है। इसकी वजहें हैं। अनुसंसाधन का लंबा चलने वाला सिलसिला। जाने एक मामले में कितने आईओ बदल जाते हैं। रिटायर भी हो जाते हैं, लेकिन केस चालू आहे...।

सबसे दु:खद यह कि लंबे वक्त के बाद भी अगर प्रक्रिया में किसी छेद के कारण अभियुक्त मुक्त हो जाए। अदालत ने हाल ही में अभियोजन की कमजोरी और मुनासिब सबूत नहीं रहने के कारण मुजरिमों को बरी कर दिए जाने पर टिप्पणी की थी। मामला वाकई गंभीर है। किसी भी मामले की बुनियाद एफआईआर से शुरू होती है।

लेकिन अनुसंधान में बारिकी हो तो चार्जशीट कैसी होगी समझा जा सकता है। दूसरा यह कि अगर अनुसंधान सही हो, लेकिन इतना वक्त गुजर जाए कि गवाह पस्त हो जाएं या किसी कारण मुकर जाएं, तब भी इस पूरी मशक्कत का परिणाम घुम-फिरा कर मुजरिमों की रिहाई के ताना-बाना तक ही सिमट कर रह जाता है।

लंबेसमय तक मुकदमा खिंचने से गवाह हो जाते हैं मैनेज

एडीजी(मुख्यालय)गुप्तेश्वर पांडेय कहते हैं कि कई कारण हैं जिसके चलते अभियुक्तों को लाभ मिल जाता है। पहला यह कि न्यायालयों पर मुकदमों का दबाव है और केस लंबे समय तक चलते हैं। दूसरा कारण यह है कि अभियोजन पक्ष के गवाह जैसे डॉक्टर, दारोगा, सिपाही इनका समय-समय पर स्थानांतरण होता रहता है। वे एक जिले से दूसरे जिले में बदलते रहते हैं। मुकदमों के लंबे समय तक चलते रहने के कारण ऐसे गवाहों को समय पर कोर्ट में पेश करना भी कठिन काम होता है। यह भी एक सच्चाई है कि लंबे समय तक मुकदमों के चलने के कारण गवाहों को मैनेज कर लिया जाता है। गवाह बिक भी जाते हैं। जिसका फायदा संबंधित केस के अभियुक्तों को मिल जाता है। मुकदमों के अनुसंधान में सॉलिड साक्ष्य अगर नहीं जुटाए गए तब भी लाभ अभियुक्तों को ही मिलता है और वे कोर्ट से बरी हो जाते हैं। अनुसंधान बेहतर हो इसके लिए क्या कुछ किया जा रहा है? इस सवाल के जवाब में आपराधिक मामलों का अनुसंधान बेहतर