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57 हजार करोड़ का बजट काट कर 41 हजार करोड़ कर दिया

7 वर्ष पहले
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बोले मांझी-अगला सीएम दलित ही बनना चाहिए, कहा-नीतीश हैंडसम मैन, उन्हीं के चलते बना मुख्यमंत्री

हम चूहा पकड़ने वाले, हक मारने वालों की टांग चूहे की तरह खींच देंगे

भास्कर न्यूज | पटना/रक्सौल/मोतिहारी

मुख्यमंत्रीजीतन राम मांझी ने कहा कि अगला मुख्यमंत्री जीतन बने ना बने, इसकी चिंता नहीं है लेकिन यह कोई दलित ही होना चाहिए। आप सब इसके लिए तैयार हो जाओ। कमर कस लो। वे गुरुवार को मधुबन डिग्री कॉलेज के शिलान्यास के मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जमकर तारीफ भी की।

उन्होंने सबको बताया कि वे कैसे मुख्यमंत्री बने? कहा-यह नीतीश कुमार की नैतिकता के कारण ही संभव हुआ। वे हैंडसम मैन हैं। अपने करीबी या कृपापात्र को भी मौका दे सकते थे। लेकिन उनकी दूरदर्शिता के कारण ही एक दलित यानी मैं सीएम बना। उन्होंने कहा-हम चाय बेचने वाले नहीं हैं। पैसा कहां से आता कि चाय बेचते? भुइयां यानी जमीन पर बैठने वाले हैं। हमें तो बस से धकिया दिया जाता है। हम चूहा को पकड़ कर टांग खींचने वाले हैं। हम हक मारी बर्दाश्त नहीं करेंगे। जरूरत पड़ी तो हक मारने वालों का चूहे की तरह टांग खींच देंगे। गरीबों और बिहार की जनता के खिलाफ अन्याय नहीं होने देंगे।

मांझी के अनुसार नीतीश कुमार ने घोषणा कर रखी थी कि हर अनु मण्डल में एक डिग्री कॉलेज खोलेंगे। कई कॉलेज खुल चुके हैं। मधुबन में डिग्री कॉलेज का शिलान्यास करते हुए हर्ष हो रहा है। भूमि की अनुपलब्धता के कारण यहां शिलान्यास में देरी हुई। जमीन की बड़ी समस्या है। जमीन के कारण कई संस्था नहीं खोल पा रहे हैं। भारत भूषण प्रसाद ने जमीन देकर पुण्य का कार्य किया है। नीति के अनुसार उनके दादा शिवशरण साह के नाम पर इस महाविद्यालय का नाम होगा।

उनके अनुसार काम के लिये हमारा बंटवारा हुआ था, मगर आज हमें वर्ण व्यवस्था में बांटकर रखा गया है। वर्ण व्यवस्था में बंट ने के कारण ही हम पिछड़ गये हैं। हम अपनी एकता को बनाए रखें। आज अस्सी प्रतिशत लोग क्यों पिछड़े हैं, इस पर चिन्तन और आत्म विश्लेषण की जरूरत है। उनके मुताबिक हमने शराब को कभी मुंह नहीं लगाया। माता- पिता से शराब की लत भी छुड़वाई। यदि वे मेरी बात नहीं माने होते और शराब नहीं छोड़ते तो मैं आज इस जगह नहीं पहुंचता। मेरा भाई पुलिस अधिकारी नहीं बनता। शराब, ताड़ी, गुटखा, खैनी