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201 गवाह, 22 जज, 40 साल बाद चारों आरोपी दोषी करार

7 वर्ष पहले
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ललित बाबू के बेटे और भाई ने फैसले पर उठाए सवाल

आिखर न्याय में देरी का दोषी कौन?

ललित नारायण मिश्रा हत्याकांड में अदालती फैसले में देरी के कई कारण रहे। हत्या के तत्काल बाद इस कांड को लेकर राज्य सीआईडी और सीबीआई की जांच की दिशाएं अलग-अलग और परस्पर विरोधी रहीं। इस कारण इस कांड को राजनीतिक रंग मिल गया या फिर राजनीतिक कारणों से जांच की दिशा में कोई तालमेल नहीं रहा। सिर्फ जांच एजेंसी बदली, बल्कि सुनवाई का स्थान भी बिहार से नई दिल्ली कर दिया गया। आरोपितों ने सुनवाई में देरी करने के लिए सारे कानूनी रास्तों का इस्तेमाल किया। सुनवाई के दौरान कुल मिलाकर 22 जज बदले।

न्यायिक प्रक्रिया में देरी का यह बेजोड़ नमूना रहा। करीब चालीस साल के बाद फैसला आया है। अभी तो यह निचली अदालत का फैसला है। इसकी अपील ऊपर की अदालत में होगी। पता नहीं और कितने साल लगेंगे! कैसी न्याय व्यवस्था चल रही है अपने देश में? इस देरी के लिए कई पक्ष जिम्मेदार रहे। यदि इस मामले से शिक्षा ग्रहण की जाए, तो न्याय में देरी की समस्या से निपटने में सुविधा होगी। सुप्रीम कोर्ट ने 1991 में ही निर्देश दिया था कि इस मामले की सुनवाई रोज-रोज की जाए। पर, ऐसा क्यों नहीं हुआ? उस आदेश को लागू करने में कौन-सी बाधाएं रहीं? उन्हें दूर कर न्याय प्रणाली को एक हद तक बेहतर बनाया जा सकता है।

इस चर्चित हत्याकांड की जांच का भार पहले बिहार पुलिस की सीआईडी और बाद में सीबीआई को सौपा गया था। शेषपेज|9 पर







आिखरन्याय में...

आरोपलगा था कि यह बदलाव एक खास राजनीति के तहत हुआ। ऐसे में कई संबंधित पक्षों का विश्वास हिला। इसकी पुनरावृत्ति कैसे रुके, इसपर संबंधित पक्षों को सोचना होगा। तरह-तरह के वैधानिक और राजनीतिक विवादों से भी देरी हुई। अदालत तो उन्हीं तथ्यों पर अपना फैसला देती है, जो तथ्य उसके सामने पेश किए जाते हैं। पर, इस केस ने यह सवाल पैदा कर दिया है कि सीआईडी ने जिन आरोपितों से कबूलनामा लिया था, उनके नाम सीबीआई की जांच में क्यों नहीं आए? आखिर दोनों जांच एजेंसियों में कोई एक तो गलत था ही।

क्यों एलएन मिश्र के परिवार के सदस्यों को सीबीआई की जांच पर कभी भरोसा नहीं रहा? सवाल है कि प्रसिद्ध न्यायविद् वीएम तारकुंडे ने फरवरी, 1979 में अपनी रपट में क्यों कहा था कि सीबीआई इस केस में कुछ खास लोगों को गलत ढंग से फंसा रही है? घायल ललित